31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंधेरे में शहर 50 फीसदी स्ट्रीट लाइट बंद

पांच बार में नहीं उठा सामान आपूर्ति का टेंडर

2 min read
Google source verification
अंधेरे में शहर 50 फीसदी स्ट्रीट लाइट बंद

अंधेरे में शहर 50 फीसदी स्ट्रीट लाइट बंद


भिवाड़ी। शहर की सडक़ों पर उजाले के लिए नगर परिषद सामान आपूर्ति के लिए हर साल 50 लाख का टेंडर करती है, लेकिन गत और चालू वित्तीय वर्ष में ये टेंडर पांच बार लगाया गया है, चार बार इस टेंडर को लेने कोई ठेकेदार नहीं आया और पांचवी बार में नगर परिषद अधिकारियों ने ही फाइल में संशोधन करने की वजह से टेंडर निरस्त कर दिया। इसका नतीजा यह है कि शहर में 50 फीसदी स्ट्रीट लाइट बंद रहती हैं। आमजन एवं वाहन चालकों को अंधेरे से होकर गुजरना पड़ता है। स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए किए गए छोटे टेंडर नाकाफी साबित हो रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ही रात के समय अंधेरा रहता है। नगर परिषद द्वारा भुगतान में देरी की वजह से ठेकेदार टेंडर लेने नहीं आते। नगर परिषद क्षेत्र में निजी कंपनी की 4754 स्ट्रीट लाइट हैं। इन लाइट को केबलिंग, फॉल्ट सहित खंबे तक ठीक करने की जिम्मेदारी परिषद की है लेकिन अब कंपनी का समझौता अगस्त में समाप्त हो चुका है। परिषद अभियंताओं के अनुसार वर्तमान में करीब 50 फीसदी लाइट बंद चल रही हैं।
----
चारों तरफ अंधेरा
स्ट्रीट लाइट खराब रहने की वजह से आरएचबी सेक्टर एक, दो, तीन, यूआईटी सेक्टर एक से नौ तक, ग्रुप हाउसिंग सेक्टर छह, खिजूरीबास, खानपुर, मंशा चौक से थाना फेज तृतीय, मंशा चौक से भिवाड़ी मोड, आलमपुर गांव, सेंट्रल पार्क के आसपास, अग्रवाल धर्मशाला, पुराने डीटीओ से बायपास रोड, सेक्टर तीन ए के पीछे, खिदरपुर, उदयपुर, सांथलका गांव, अलवर बाइपास से टोल टैक्स, कैप्टन चौक, परशुराम चौक और हरचंदपुर गांव में रात के समय लाइट बंद रहती हैं। इस तरह शहर के हर हिस्से में ही स्ट्रीट लाइट बंद रहने से अंधेरा रहता है।
----
पहले टेंडर ही नहीं हो सका
गत वर्ष रखरखाव एवं सामग्री आपूर्ति का यह टेंडर परिषद में एक्सईएन का पद रिक्त होने से नहीं लग सका था। कई महीने तक एक्सईएन का पद खाली रहा, जिसकी वजह से परिषद को पांच लाख से नीचे के टेंडर निकालकर काम चलाना पड़ा। पांच लाख से ऊपर के टेंडर एक्सईएन ही निकाल सकते हैं। लेकिन बाद में एक्सईएन के आने के बाद जब टेंडर निकाला गया तो किसी भी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया।
----
बड़ा टेंडर फाइल में संशोधन की वजह से निरस्त कर दिया था, लाइनमेन हेल्पर का 20 लाख का टेंडर है, सामान आपूर्ति के लिए पांच लाख का टेंडर है। दस लाख का टेंडर और कर रहे हैं, इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
एसएन वर्मा, एक्सईएन, नगर परिषद

Story Loader