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सलारपुर में काश्तकार कर रहे इंतजार, रीको पर बढ़ रहा दबाव

लॉटरी की तैयारियों में जुटे रीको अधिकारी

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भिवाड़ी. सलारपुर में खातेदारी भूमि के बदले विकसित भूमि नहीं मिलने पर काश्तकार जुलाई के पहले सप्ताह में धरने पर बैठे थे। काश्तकारों ने वहां पर चल रहे विकास कार्यों को रुकवा दिया था। रीको अधिकारियों ने धरने पर बैठे काश्तकारों को जुलाई के अंतिम सप्ताह में लॉटरी करने का आश्वासन दिया था। तब जाकर धरना समाप्त हुआ था। अब अगस्त शुरू हो चुका है। रीको पर भी विकसित भूमि की लॉटरी करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं इस मामले में रीको अधिकारियों ने बताया कि लॉटरी को लेकर काश्तकारों से कई बार वार्ता हो चुकी है। लॉटरी की तैयारियों और जमीन आवंटन को लेकर काश्तकारों के दल से कुछ सुझाव मिले थे, उन पर कार्रवाई की जा रही है। काश्तकारों ने बड़े भूखंड लेने की रजामंदी दी थी, जिसके बाद दोबारा से तैयारी की जा रही है।

सलारपुर में 424 हेक्टेयर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। अधिग्रहण की प्रक्रिया 2012 में शुरू हुई। तब से अब तक यहां के काश्तकारों को अधिग्रहित जमीन के बदले मिलने वाली 25 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित नहीं हुई है। काश्तकारों को भूमि आवंटन के इंतजार में सालों बीत चुके हैं। इसकी वजह से काश्तकार आए दिन रीको द्वितीय कार्यालय के चक्कर लगाते हैं। जुलाई में काश्तकार धरने पर बैठ गए। उक्त क्षेत्र में नवंबर 2022 से भूखंड के ऑक्शन लगाकर आवंटन शुरू कर दिए हैं।

यह है स्थिति

सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र में 87 हेक्टेयर के 147 खातेदारों को आरक्षण पत्र जारी किए गए हैं। 31 खातेदारों के आपसी विवाद चल रहे हैं। 301 हेक्टेयर भूमि के खातेदारों को रीको ने नगद भुगतान कर दिया है या उनका पैसा कोर्ट में जमा कर दिया है। 23 हेक्टेयर के 22 खातेदार हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने 2017 में आदेश दिया कि उक्त काश्तकारों को जमीन के बदले 25 फीसदी विकसित भूमि दी जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी रीको ने काश्तकारों को आरक्षण पत्र जारी करने में पांच साल लगा दिए। आवंटन अभी तक नहीं हुआ है।

इसलिए भी हुई देरी

सलारपुर में विकास कार्य हो रहे हैं। सडक़, नाली-नाले और बिजली लाइन सहित अन्य जरूरी काम कराए जा रहे हैं। अगस्त 2019 को विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई थी। गांव वालों की मांग पर भूमि के बदले भूमि देने पर भूखंड के साइज छोटे किए गए, पूर्व में तीन सौ वर्गमीटर और उससे अधिक आकार के भूखंड थे। भूखंड का आकार छोटा करने के लिए दोबारा से योजना तैयार कर मुख्यालय से स्वीकृति ली गई।

इस तरह भूमि का उपयोग

83 हेक्टेयर में आवासीय और व्यावसायिक उपयोग होगा। उद्योग के लिए एक हजार वर्गमीटर से ऊपर के भूखंड हैं। ऑटो जोन के लिए 249 हेक्टेयर, इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) के लिए 26 हेक्टेयर जमीन और जनरल जोन के लिए 26.74 हेक्टेयर जमीन रखी गई है।

लॉटरी से पूर्व काश्तकारों को बुलाया गया, उन्होंने कुछ सुझाव दिए, उसी अनुसार योजना तैयार की जा रही है।
आदित्य शर्मा, यूनिट हेड, रीको

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