30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भिवाड़ी

संपत्ति के सौदों से हर महीने सरकार को मिलता है 10 करोड़ का राजस्व

कार्यालय में आए उपभोक्ताओं के बैठने तक का नहीं है इंतजाम

Google source verification

भिवाड़ी. उप पंजीयक कार्यालय राज्य सरकार को हर महीने 10 करोड़ रुपए का राजस्व देता है। नवरात्र के शुभ मुहूर्त में यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पंजीयन और अन्य दस्तावेज तैयार हो रहे हैं। लेकिन सरकार का खजाना भरने वाले इस विभाग में उपभोक्ताओं के बैठने का इंतजाम नहीं है। बजट में उप पंजीयक कार्यालय को पासपोर्ट ऑफिस की तर्ज पर विकसित किए जाने की घोषणा की गई थी। जिसके तहत यहां पर सिर्फ उप पंजीयक और रीडर ही कार्यरत होंगे, अन्य स्टाफ निजी फर्म का होगा। आमजन को दस्तावेजों के पंजीयन के लिए लाइन में लगने की जगह टाइम स्लॉट दिया जाएगा। कार्यालय को मॉडल रूप दिया जाना था लेकिन अभी तक कार्यालय में आने वाले उपभोक्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच तक नहीं है। हर रोज औसतन 30 से ४० दस्तावेजों का यहां पंजीयन होता है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है लेकिन जगह कम होने की वजह से सभी को असुविधा होती है। सीएम ने चार शहरों में पासपोर्ट ऑफिस की तर्ज पर मॉडल रजिस्ट्रार ऑफिस खोलने की बजट घोषणा की थी, बाद में छह शहरों को इसमें जोड़ा गया है, इनमें जयपुर, जोधपुर, भिवाड़ी, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, सीकर, भरतपुर और बाड़मेर शामिल हैं। भिवाड़ी उप पंजीयन कार्यालय को मॉडल के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू तो हुई लेकिन अभी तक अमलीजामा नहीं पहन सकी है। डीआईजी स्टांप एवं एडिशनल आईजी स्टांप ने यहां का दौरा किया है। कई निजी भवनों को किराए पर लेने के लिए देखा है। जिससे कि उनमें तब तक अस्थायी रूप से व्यवस्था शुरू की जा सके। पूर्व में उप पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण के लिए बीडा द्वारा आलमपुर मंदिर के पास जमीन आवंटित की गई थी लेकिन पीडब्ल्यूडी ने जो मानचित्र स्वीकृत किया, उसके अनुसार जमीन निर्माण के लिए कम थी। इस वजह से भवन का निर्माण नहीं हो सका। पासपोर्ट ऑफिस की तरह सब रजिस्ट्रार कार्यालय विकसित करने के लिए निजी फर्म को टेंडर दिया जाएगा। फर्म द्वारा ही वहां मेन पावर लगाई जाएगी। उनकी निगरानी के लिए सब रजिस्ट्रार और उनका रीडर कार्यरत होंगे। —-
निर्माण के लिए जमीन पड़ गई कम
उप पंजीयन कार्यालय 1९ साल से किराए के भवन में चल रहा है। उप पंजीयन कार्यालय में हर महीने औसतन जमीन, फ्लैट और अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री के एक हजार सौदे होते हैं। जिनसे राज्य सरकार को भी औसतन 8 से 12 करोड़ तक का राजस्व मिलता है। बीडा द्वारा 10 सितंबर 2021 को आलमपुर मंदिर के नजदीक 381 वर्गमीटर जमीन उप पंजीयन कार्यालय के लिए आवंटित की गई। जमीन आवंटन के बाद उप पंजीयन कार्यालय द्वारा इसके निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी से दिशा निर्देश मांगे गए। पीडब्ल्यूडी ने जमीन की पैमायश करने के बाद 24 जनवरी 2022 को बताया कि उप पंजीयन कार्यालय निर्माण के लिए यह जमीन कम है। तीन मीटर सेटबैक छोडऩे के बाद निर्माण के लिए पांच मीटर जमीन बचती है, सेटबैक छोडऩे के बाद जो जमीन बचती है उसमें उप पंजीयन कार्यालय निर्माण नहीं हो सकता। पीडब्ल्यूडी से लिखित जवाब मिलने के बाद स्थानीय स्तर से फाइल को मुख्यालय भेज दिया गया है। वहां से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं उप पंजीयन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भवन निर्माण के लिए 500 वर्ग मीटर जमीन की मांग रखी गई थी, जिसे कि बीडा द्वारा कम कर दिया गया।
—-
कार्यालय में विभिन्न पंजीयन और सौदे के लिए आए उपभोक्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। मॉडल कार्यालय के लिए फूलबाग में एक भवन को चिन्हित किया है। उसके रखरखाव के बाद उसमें नया कार्यालय आमजन की सहूलियत अनुसार तैयार किया जाएगा।
कृष्ण ङ्क्षसह यादव, उप पंजीयक, भिवाड़ी