
10 साल में 250 से 500 फीट की गहराई पर पहुंचा भूजल स्तर
भिवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्र में प्यास बुझाने का एक ही स्त्रोत है भूमिगत जल। लेकिन क्षेत्र में पानी की अंधाधुंध खपत डराने वाली स्थिति की ओर इशारा कर रही है। भिवाड़ी में 10 साल पहले जिन बोरिंग में 200 से 250 फीट पर पानी निकलता था, अब उन क्षेत्रों में 450 से 500 फीट पर पानी मिल रहा है। हर साल भूजल का स्तर 10 फीट से भी ज्यादा नीचे गिर रहा है। आवासन मंडल सेक्टर एक, दो और तीन में गर्मी आते ही मिट्टी वाले पानी की आपूर्ति की वजह से हंगामा खड़ा हो जाता है। इसके पीछे कारण यही आया कि बोरिंग क्षमता से अधिक चलाए जा रहे हैं, बोरिंग में पानी कम होने सेे जमीन से ही मिट्टी अधिक आती है। जलापूर्ति कम करने पर पानी साफ आता है। पेयजल आपूर्ति को सुधारने के लिए जब बोरिंग की और खुदाई कराई तो पानी नहीं मिला। चार नलकूप को करीब सौ फीट गहरा कराने पर उनमें साफ पानी मिला। अब बोरिंग 450 से 500 फीट गहराई से पानी दे रहे हैं। रीको द्वारा क्षेत्र में चार बोरिंग से सीधी आपूर्ति की जा रही है। बोरिंग सुबह 5 से दोपहर एक बजे और शाम को चार से रात को नौ बजे तक चलते हैं। तीनों सेक्टर में करीब 1200 कनेक्शन हैं। एक बोरिंग से एक घंटे में चार हजार लीटर पानी निकलता है। चारों बोरिंग से एक घंटे में 16 हजार लीटर और दिन में 13 घंटे चलने पर 2.8 लाख लीटर पानी जमीन से निकलता है। जमीन से निकला ये पानी आमजन की प्यास बुझाने के लिए घरों में भेजा जाता है। लेकिन चिंता का विषय यह है कि भूजल की कमी होने से पिछले पांच साल में 10 नलकूप फेल हो चुके हैं। गर्मी के मौसम में एक-दो घंटे अतिरिक्त चलने पर नलकूप में पानी कम हो जाता है, सूखा चलने पर मोटर फुंक जाती है।
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आबादी बढ़ी, पानी घटा
आवासन मंडल सेक्टर एक, दो और तीन औद्योगिक क्षेत्र की सबसे पुरानी आबादी है। यहां करीब १५०० कनेक्शन रिकॉर्ड में है। यहां स्थित मकान अब दो से तीन मंजिल बन चुके हैं। यहां बड़ी संख्या में किराएदार भी रहते हैं। एक मकान में चार से पांच परिवार औसतन रहते हैं। क्षेत्र में तेजी से आबादी बढ़ती गई और उसी अनुपात में भूजल स्तर गिरता जा रहा है।
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अब चार हजार लीटर
रीको चौक पर सात बोरिंग थे जिनमें से तीन फेल हो चुके हैं। जो चार नलकूप बचे हैं उनका पानी भी कम हो गया है। पहले एक घंटे में एक बोरिंग से 10 से 12 हजार लीटर पानी टंकियों में भरता था। अब 4 हजार लीटर के करीब ही आता है। यहां भी बोरिंग की गहराई चार से पांच सौ फीट पर है।
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बिना टंकी हालात खराब
सेक्टर में जलदाय विभाग द्वारा बनाई गई आकाशीय टंकी करीब चार साल पहले जमींदोज हो चुकी हैं। तब से अब तक यहां मोटर से ही सीधी आपूर्ति हो रही है। नई टंकी का निर्माण शुरू हो चुका है, पीएचईडी अभियंताओं के अनुसार निर्माण पूरा होने में करीब चार महीने लगेंगे।
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औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र में बोरिंग से निकालकर पानी की आपूर्ति की जा रही है। बीते कुछ सालों में भूजल में तेजी से गिरावट आ रही है। हर साल बोरिंग की गहराई बढ़ाने खुदाई करानी पड़ती है।
मनोज बंसल, आरएम, रीको
Published on:
14 Apr 2023 07:33 pm

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