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नवनिर्वाचित सरपंच व पंचों के समर्थकों ने मनाया जश्न

पड़ोसी राज्य हरियाणा के रेवाड़ी जिले की 358 पंचायतों में शनिवार को हुए सरपंच-पंच के चुनाव मतदान के बाद देर रात परिणाम घोषित किए गए। जिसके बाद विजेता सरपंचों व पंचों के समथकों ने जश्न मनाया।  

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विजेता सरपंचों व पंचों के समथकों ने जश्न मनाया

धारूहेड़ा. जीत के बाद जश्न मनाते समर्थक।

धारूहेड़ा (भिवाड़ी). पड़ोसी राज्य हरियाणा के रेवाड़ी जिले की 358 पंचायतों में शनिवार को हुए सरपंच-पंच के चुनाव मतदान के बाद देर रात परिणाम घोषित किए गए। जिसके बाद विजेता सरपंचों व पंचों के समथकों ने जश्न मनाया।


निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के शैक्षणिक स्तर की बात की जाए तो धारूहेड़ा ब्लॉक में निर्वाचित 53 सरपंचों में से 13 स्नातक हैं, जबकि मुकंदपुरी बसई के सरपंच धनपत स्नातकोत्तर हैं। धारूहेड़ा में सबसे ज्यादा शिक्षिक सरपंच धनपत ही हैं। विजेता रहीं सरपंचों में चार महिलाएं भी स्नातक हैं।


नंदरामपुर बास में थीं 15 महिलाएं मैदान में
नंदरामपुरबास जिले का पहला ऐसा गांव रहा, जहां सरपंच पद के लिए सबसे अधिक 15 महिलाओं ने ताल ठोकी थीं। चुनाव परिणाम में इनमें से कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। देर रात तक आए रिजल्ट के बाद गांव में विजेता पक्ष के लोगों ने खूब खुशी मनाई। नंदरामपुरबास सरपंच पद पर लक्ष्मी पत्नी गौरव मीणा ने 938 मत प्राप्त कर जीत हासिल की हैं। सरपंच के लिए राधा देवी, देवकी, लक्ष्मी मीणा, रीमा, प्रीति बाला, सुमन, पूजा, पिंकी, ज्योति, सुनिता, सुमित्रा, आशी, मानिया, हेमलता व गीता ने चुनाव लड़ा था। जिसमें राधा देवी को 48, गीता को 22 व हेमलता को 79 मत मिले। तीनों अपनी जमानत नहीं बचा सके।
पहले सास अब बहु बनी सरपंच
गांव जोनियावास में 2010 में सुरेंद्र की पत्नी मैना देवी सरपंच थीं। 2015 में सीट आरक्षित होने से अनुसूचित जाति से सरपंच बने। इस बार फिर से मैना देवी की बहुं प्रियंका ने सरपंच पद पर जीत कर दर्ज की है। प्रियंका पत्नी कार्तिक ने 32 मतों से जीत हासिल की है।