21 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कारोली 220 केवी जीएसएस की भार क्षमता में होगी वृद्धि

कारोली 220 केवी जीएसएस की भार क्षमता में वृद्धि होगी। अभी जीएसएस पर 160 मेगावाट का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। यहां पर 160 मेगावाट का नया ट्रांसफार्मर लगाकर जीएसएस की क्षमता को 320 मेगावाट किया जाएगा।

2 min read
Google source verification

भिवाड़ी

image

Dharmendra dixit

image

Dharmendra Dixit

May 21, 2026

bhiwadi

अभी 160 मेगावाट भार क्षमता, 160 मेगावाट का नया ट्रांसफार्मर लगेगा

भिवाड़ी. कारोली 220 केवी जीएसएस की भार क्षमता में वृद्धि होगी। अभी जीएसएस पर 160 मेगावाट का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। यहां पर 160 मेगावाट का नया ट्रांसफार्मर लगाकर जीएसएस की क्षमता को 320 मेगावाट किया जाएगा।
कारोली 132 केवी जीएसएस गत वर्ष अगस्त में क्रमोन्नत होकर 220 केवी जीएसएस में परिवर्तित हुआ। जीएसएस की क्षमता 160 एमवीए रखी गई। क्रमोन्नत होने के बाद जीएसएस पर विद्युत भार क्षमता 35 मेगावाट थी, जो कि जीएसएस निर्माण के बाद नौ महीने में बढक़र 160 एमवीए हो गई। गर्मियों के सीजन में भार बढऩे अथवा नई इंडस्ट्री के कनेक्शन लेने पर जीएसएस की भार क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है। प्रसारण निगम अभियंताओं ने बताया कि कारोली जीएसएस पर 122 मेगावाट का विद्युत भार आ चुका है। 38 मेगावाट का नया कनेक्शन हो चुका है, उक्त कंपनी ने अभी पूरा भार नहीं लिया है। पूरा भार लेने पर जीएसएस पूरी क्षमता पर संचालित होने लगेगा। पूरा भार होने की वजह से नया कनेक्शन नहीं दिया जाएगा, नया कनेक्शन देने और पुरानी इकाइयों का भार बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।

क्षेत्र का तीसरा जीएसएस
कारोली उद्योग क्षेत्र का तीसरा 220 केवी जीएसएस है। इससे पहले बिलाहेड़ी और खुशखेड़ा 220 केवी जीएसएस से उद्योग क्षेत्र में बिजली आपूर्ति होती है। जीएसएस का निर्माण होने के बाद औद्योगिक इकाइयों को भरपूर, निर्बाध एवं गुणवत्ता की बिजली मिलने लगी है। बार-बार के फॉल्ट, ट्रिपिंग से राहत मिली है लेकिन इतनी जल्दी भार बढऩे से नए ट्रांसफार्मर लगाने की जरूरत है। 220 केवी जीएसएस कारोली पर लाइन इन लाइन आउट (लीलो एट कारोली) अलवर खुशखेड़ा से आपूर्ति हो रही है। भिवाड़ी पीजीसीआईएल से नीमराणा लाइन इन लाइन आउट का काम अभी अधूरा है। इसमें काश्तकारों के अवरोध की वजह से बाधा आ रही है। अभी खुशखेड़ा की भार क्षमता 320 मेगावाट है, भिवाड़ी की 460 मेगावाट है।

उद्योग क्षेत्र को मिला लाभ
कारोली जीएसएस के 132 से 220 केवी में क्रमोन्नत हो जाने से औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी और खुशखेड़ा को बहुत लाभ मिला। तीनों जीएसएस का भार आपस में एक्सचेंज किया जा सकता है। फिलहाल भी खुशखेड़ा से भिवाड़ी के 132 केवी चौपानकी और बीएमआरटी जीएसएस पर आपूर्ति होती है। खुशखेड़ा के ओवरलोड होने पर कारोली से उक्त क्षेत्र के सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति की जा सकेगी। किसी एक 220 केवी जीएसएस में खराबी आने पर भी दूसरे से आपूर्ति सुचारू की जा सकेगी।

कारोली में 160 मेगावाट का नया ट्रांसफार्मर लगाने की स्वीकृति मुख्यालय से मिल चुकी है। जल्दी ही बजट आवंटन हो जाएगा, इसके बाद ट्र्रांसफार्मर मिलेगा। प्रक्रिया पूरी होने में करीब छह मिलेंगे।
महीपाल यादव, एसई, प्रसारण निगम