
पांच साल में एक करोड़ से ज्यादा मरीजों को मिली 108 एंबुलेंस की सेवा
भोपाल. घर से अस्पताल और वहां से घर लाने-ले जाने में लगी आपातकालीन सेवा यानी 108 एबुलेंस महती भूमिका निभा रही है। अकेले राजधानी भोपाल में बीते पांच साल में करीब एक करोड़ मरीजों को 108 एंबुलेंस ने अस्पताल पहुंचा कर उनका जीवन बचाया। यही नहीं अब 108 एंबुलेंस जिकित्जा इंटीग्रेटेड रेफरल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के अंतर्गत अल्ट्रा मॉर्डन तकनीक के साथ चल रही है। प्रदेशभर में इसका फायदा भी मिल रहा है।
कम हुआ रिस्पांस टाइम
नई तकनीक में प्रत्येक एंबुलेंस की मॉनीटरिंग आसान हो गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा रिस्पांस टाइम कम करने में मिला। यानी 108 को कॉल करने के बाद मौके पर पहुंचने वाला समय कम हुआ है। यह जानकारी 108 एंबुलेंस का संचालन करने वाली जिकित्जा हेल्थकेयर कंपनी प्रोजेक्ट हेड ने दी। उन्होंने कंपनी के पांच साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बताया कि पांच सालों में मध्य प्रदेश राज्य के एक करोड़ से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को आपातकालीन सेवाएं दी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस आपातकालीन सेवा और बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार ने बढ़ाया अनुबंध
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस वाहनों के संचालन के लिए तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। आठ सितंबर को इस कंपनी के संचालन का कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन अभी तक कोई नई कंपनी सामने नहीं आने की वजह से राज्य सरकार को इसी कंपनी से अनुबंध बढ़ाना पड़ा है।
प्रदेश में दौड़ रहीं 1050 एंबुलेंस
जिकित्जा के मार्केटिंग मैनेजर तरुण सिंह ने बताया कि 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस वाहनों में सुविधाएं बढ़ाई गई है। 108 एंबुलेंस की संख्या अब 606 से बढ़कर 1050 तो वहीं जननी एक्सप्रेस वाहन भी एक हजार से ज्यादा हो गई है।
Updated on:
10 Sept 2021 02:25 am
Published on:
10 Sept 2021 02:11 am
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