कई लोगों के पास बड़ी रकम कैश के रूप में नए नोटों में पकड़ी गई। जितना प्रधानमंत्री ने ब्लैकमनी की उम्मीद की थी उससे कई गुना ज्यादा रकम विशुद्ध रूप से 'बैंक' में पहुँच गई। कुछेक किस्से 'ब्लैकमनी' को जमा करवाने के भी आए, लेकिन ऐसे मामलों में भी झोल ही नजर आया। ब्लैकमनी से शुरू हुई बात आज 'कैशलेस' तक आ गई। इस फैसले पर जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने नेगेटिव कमेंट दिए। इस फैसले की ऐसी ही 5 गड़बड़ियाँ इस रिपोर्ट में हम यहाँ बता रहे हैं, जिससे आम लोगों को हुई परेशानियाँ...