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7th pay commission: मोदी के बाद अब शिवराज की बारी, जनवरी में देंगे एक और गिफ्ट

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भोपाल

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alka jaiswal

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Updated: 5 Dec 2017, 5:46 PM IST

7th Pay Commission

भोपाल। मोदी सरकार के बाद अब मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ता बढ़ाया जा रहा है। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोत्तरी जुलाई 2017 से मिलेगी, जिसका एरियर्स भी दिया जाएगा। इस फैसले के बाद Madhya Pradesh के साढ़े चार लाख कर्मचारियों की सैलरी में एक और वृद्धि होने वाली है।


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मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार जल्द ही अपने साढ़े चार लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने जा रही है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है।

केंद्र सरकार की तरह यहां भी तैयारी
केंद्र की मोदी सरकार ने जिस प्रकार 7वां वेतनमान दिया, उसी प्रकार Madhya Pradesh सरकार के भी साढ़े चार लाख से अधिक कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ मिलने लगा है। उसी तर्ज पर हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने जैसे ही अपने कर्मचारियों के लिए एक प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाया, उसी प्रकार मध्यप्रदेश की सरकार ने भी महंगाई भत्ते में एक प्रतिशत जोड़ने की तैयारी कर ली। इसके साथ ही यह वृद्धि पांच प्रतिशत हो जाएगी। इससे निश्चित ही कर्मचारियों के वेतन में इजाफा हो जाएगा।

वित्त विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने साढ़े चार लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव पास कर दिया है।

CM की मंजूरी बाकी
वित्त विभाग के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ प्रदेश के पेंशनर्स सहित पंचायत विभाग के कर्मचारियों को भी मिलने जा रहा है।


कर्मचारियों में बंटा 7वां वेतनमान
इससे पहले मध्यप्रदेश में सातवां वेतनमान भी दिया जा चुका है। ज्यादातर कर्मचारियों के खाते में आने लगा है। कुछ कर्मचारियों को दिवाली के पहले तो कुछ कर्मचारियों को दिवाली बाद दे दिया गया।

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19 साल से कर रहे इंतजार
मध्यप्रदेश सरकार ने सन 1998 में राज्य परिवहन निगम (रापनि) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देना बंद कर दिया था। वे 19 सालों से मांग कर रहे है। कर्मचारी संघ ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। कर्मचारी पहले तो लेबर कोर्ट चले गए, बाद में औद्योगिक और ट्रिब्यूनल कोर्ट गए। करीब 13 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 1 दिसंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने सपनि/रापनि के 16 हजार कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया था। कोर्ट ने शासन से कहा था कि कर्मचारियों को 1 जनवरी 1998 से महंगाई भत्ता दिया जाए, नहीं दिया जा रहा है।