
बिना उचित संसाधनों के कर रहे थे इलाज
भोपाल. मध्यप्रदेश के करीब 100 प्राइवेट अस्पताल बंद होंगे. सरकार ने इन अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की जांच में अस्पतालों में अनेक खामियां मिलीं जिसके बाद एक्शन ले लिया गया। जांच के दौरान जो खामियां मिली, उनके लिए अस्पतालों को विभाग द्वारा शोकॉज नोटिस जारी किए गए। संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर प्रदेश के कुल 92 अस्पतालों के पंजीयन तुरंत निरस्त कर दिए गए।
जबलपुर के प्राइवेट अस्पताल न्यू लाइफ सिटी हॉस्पिटल में आगजनी की घटना की वजह से ये कार्रवाई की गई है। 1 अगस्त को न्यू लाइफ सिटी हॉस्पिटल में आग लग गई थी जिससे 8 लोग जिंदा जल गए थे। इस लोमहर्षक घटना के बाद ही स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम्स की जांच कराई थी।
नोटिस का जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर प्रदेश के कुल 92 अस्पतालों के पंजीयन तुरंत निरस्त कर दिए गए- स्वास्थ्य अधिकारियों ने 10 अगस्त से जांच प्रारंभ की और इसके लिए अभियान जैसा चलाया. 31 अगस्त तक चले अभियान में प्रदेश के सभी प्रायवेट अस्पतालों की जांच की गई। जांच के दौरान जो खामियां मिली, उनके लिए अस्पतालों को विभाग द्वारा शोकॉज नोटिस जारी किए गए। नोटिस का जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर प्रदेश के कुल 92 अस्पतालों के पंजीयन तुरंत निरस्त कर दिए गए। इनमें राजधानी भोपाल के 21 अस्पताल हैं. सबसे ज्यादा जबलपुर के 33 अस्पताल हैं और ग्वालियर के 19 हॉस्पिटल भी इसमें शामिल हैं।
ऐसे कराई जांच
- हर जिले में विभाग के एक डॉक्टर, नगर निकाय के फायर ऑफिसर और इलेक्ट्रिकल के सेफ्टी ऑफिसर की जॉइंट टीम बनाई गई.
- इस टीम ने सभी निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम्स का निरीक्षण किया।
- जांच में 23 जिलों के अस्पताल या नर्सिंग होम बिना उचित फायर सिस्टम के चलते मिले
- नियमों के अनुसार अस्पताल संचालित न मिलने पर इन अस्पतालों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए
Published on:
02 Sept 2022 08:22 pm
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