
प्रेम शब्दों में व्यक्त नहीं हो सकता, सिर्फ महसूस किया जा सकता है
भोपाल। प्रेम को शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता। भगवान के कई रूप हैं एक श्याम है तो एक गोरा। आंखों ने इस रूप को देखा तो है, लेकिन इसका वर्णन नहीं कर सकती, वहीं जुबान वर्णन तो कर सकती है, लेकिन देख नहीं सकती। इसलिए प्रेम को सिर्फ दिल से महसूस किया जा सकता है।
यह उद्दगार सोमवार को श्री पिप्लेश्वर महादेव मंदिर पुलपुख्ता में नौ दिवसीय राम कथा के दौरान वेकन्टेश महाराज ने कही। महाराज ने आज राम-सीता विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा सीता जी भगवान का दर्शन पाने के लिए जाती है, उनके पायलों में बंधे नुपुर से अलौकित ध्वनि पूरे वातावरण को सम्मोहित कर रही थी। जब भगवान ने इस ध्वनि को सुना, तो उनके हदय में भी हलचल हो गई। उन्होंने लक्ष्मण से कहा ये वही जनकनन्दनी है।
दुर्गा के नौ रूपों के साथ पशुपतिनाथ का अभिषेक
मां वैष्णव धाम आदर्श नौ दुर्गा मंदिर का चतुर्थ स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान वैदिक ब्राह्मणों ने सुबह भगवान पशुपतिनाथ क़ा रुद्रअभिषेक किया। इसके साथ ही मां भगवती का विशेष अनुष्ठान कर दुर्गा सप्तसती का पाठ किया गया। मंदिर के व्यवस्थापक पं. चन्द्रशेखर तिवारी ने बताया कि गाय के दूध से अभिषेक होने के बाद विश्व कल्याण की कामना की गई। यही नहीं शाम को देवी जागरध का आयोजन किया गया।
पहला नौ देवी का मंदिर जहां हुआ 14 कथाओं का आयोजन
मां वैष्णव धाम मंदिर शहर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। यूं तो शहर में कई मंदिर हैं जहां देवी के अलग अलग रूपों को पूरा जाता है, लेकिन यह एकमात्र मंदिर है। जहां देवी के नौ रूपों की आरधाना की जाती है। यही नहीं मां वैष्णव धाम एकलौता ऐसा मंदिर है जहां अब तक श्रीमद्भागवत, रामकथा, शिव पुराण और विष्णु पुराण सहित 14 कथाएं आयोजित की जा चुकी हैं। पं. चन्द्रशेखर तिवारी के मुताबिक अब नौ दुर्गा में अखंड देवी भागवत का आयोजन किया जाएगा।
Published on:
22 May 2018 06:27 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
