4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कैसे रमजाम में पायलेटों को मिल जाती है दो बार सेहरी का मौका.. पायलेट की मुंह ज़ुबानी!

पायलेट कैप्टन जैनुल खट्टानी की मुंह ज़ुबानी, रमजान के मौके पर दुबई की किया जिक्र

2 min read
Google source verification
pailot

कैसे रमजाम में पायलेटों को मिल जाती है दो बार सेहरी का मौका.. पायलेट की मुंह ज़ुबानी!

भोपाल। वैसे तो इस पाक माह रमजान का हर रोजा खास होता है, लेकिन हवाई सफर के दौरान कई अनोखी चीजें सामने आती हैं। कई बार ऐसा हुआ कि घर से सेहरी कर निकले। तीन घंटे फ्लाइट में बिताए। जब दुबई पहुंचे तो वहां भी सेहरी का वक्त चल रहा था। ये स्थिति मेरे साथ ऐसे मौके पर बनी जब मैं दुबई की फ्लाइट पर होता था।

यह कहना है इंडिगो एयरलाइन्स में पायलट कैप्टन जैनुल खट्टानी का। बात उस समय की है जब कॅरियर की शुरुआत हुई थी। इंडिगो एयरलाइंस में पायलट के रूप में दुबई की फ्लाइट मिली। सामान्य दिनों में तो कुछ खास फर्क समझ नहीं आया, लेकिन रमजान के दौरान अनोखे वाक्ये सामने आते हैं। रात दो बजे की फ्लाइट थी।

सेहरी का सामान साथ लिया और उड़ान भर दी। दुबई पहुंचने तक करीब तीन घंटे गुजर चुके थे। दिल्ली के हिसाब से बात करें तो सेहरी का वक्त भी खत्म हो चुका था और फजिर की नमाज भी हो गई, लेकिन दुबई में अलग हालात मिले। जब वहां पहुंचे तो सेहरी का वक्त चल रहा था। ऐसे में एयरपोर्ट पर पहुंच सेहरी की।

यहां पूरे माह बरसती है रहमत

यूं तो पुराने शहर का अपना अलग ही नवाबी अंदाज है। रमजान के शुरू होते ही पुराने शहर में एक अलग ही रौनक छाने लगी है। अगर यह कहे कि रमजान माह में पुराने भोपाल में अल्लाह की रहमत बरसती है तो गलत नहीं होगा। मस्जिद से आती इबादत की अजान के बीच सडक़ों पर लोगों की चहल-पहल एहसास कराती है इस जगह की खासियत का। शाम ढलते-ढलते लोग घरों से बाहर निकल आते हैं। इफ्तारी के बाद लोग जहां नमाज अदा करने को मस्जिद का रुख करने लगते हैं तो महिलाएं बाजार से सेहरी और इफ्तारी का सामान खरीदती हैं।

रमजान में यूं रखें सेहत का ध्यान

डॉक्टरों की सलाह है कि रोजेदार प्रोटीन, काबरेहाइड्रेट और फाइबर से भरपूर डाइट लें और एक के ऊपर एक चीज नहीं खाएं। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. अबरार मुल्तानी ने कहा कि सेहरी में प्रॉट्रीन से भूरपूर खुराक ली जाए जिससे दिन भर आप को भूख का अहसास भी न हो और कमजोरी भी महसूस न हो। शोरबा वाले सालन खाएं जिसमें तेल और मसाला कम हो, जो आसानी से पच सके। फलों और हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें इफ्तार के वक्त (रोजा खोलने का समय) खजूर और फलों का अधिक इस्तेमाल करें और एकदम से पानी न पीएं। आम और खजूर के शेक का सेवन करें और शरबत पिएं।