
भोपाल@रूपेश मिश्रा
सियासत में आधी आबादी के वर्चस्व को बढ़ाने के लिए चाहे जितने भी नारे और वादे किए जाते रहे हों लेकिन असल में आज भी महिलाओं को उचित स्थान नहीं मिल पाया है। देशभर में राजनीति में महिलाओं का स्थान आज भी नगण्य है। लिहाजा इसी खाई को पाटने के लिए भोपाल की कांक्षी अग्रवाल ने महिलाओं को राजनीति के गुर देने की पाठशाला की शुरूआत की। कांक्षी ने हावार्ड विश्वविद्यालय से समाजशास्त्री की पढ़ाई करने के बाद महिलाओं को ट्रेनिंग देने की शुरूआत की। और अबतक 750 से ज्यादा महिलाओं को ट्रेनिंग दे चुकी हैं। जिसमें ज्यादातर महिलाएं राजनीति के गुर सिखने के साथ इस क्षेत्र में नौकरी भी कर रही हैं। कांक्षी कहती हैं कि अब राजनीति एक इंडस्ट्री का रूप ले चुकी है। जिसमें ढेरों संभावनाएं है। लिहाजा महिलाओं को ऐसा बनाया जाता है जिससे वो राजनीति की बारिकियां तो सिख ही सखें साथ ही इसमें रोजगार भी तलाश सकें। कांक्षी ने कहा कि संसद में 15 प्रतिशत महिलाओं का प्रतिनिधित्व है। वहीं देशभर की राजनीति में 9 से 10 प्रतिशत ही है। जो दुखद है। अब जब महिलाए प्रतिनिधि ही नहीं होंगी तो उनकी समस्याएं कौन समझेगा।
महिला सरपंच को दे रही ट्रेनिंग
कांक्षी प्रदेश की कई महिला सरपंचों को ट्रेनिंग भी दे रही हैं। दरअसल कई मर्तबा महिलाएं चुनाव तो जीत जाती हैं लेकिन उसके बाद वो हर काम के लिए पुरूषों पर ही निर्भर रहती हैं। इसलिए उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए कांक्षी प्रदेश की कई महिला सरपंचों को ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर भी बना रही हैं।
बूथ प्रबंधन से लेकर ग्राउंड सर्वे तक का पाठ
कांक्षी महिलाओं को चुनाव और राजनीति से जुड़ी हर छोटी- बड़ी चीजों के बारे में बताती हैं। जैसे- बूथ का प्रबंधन, ग्राउंड सर्वे, कैंपेन, डेटा एनालिसिस और सोशल मीडिया से जुड़ा प्रशिक्षण देती हैं। ताकि महिलाएं यदि खुद चुनाव लड़े तो उन्हें सभी मूलभूत जानकारी हो और यदी वो इस क्षेत्र में नौकरी भी करना चाहें तो किसी नेता या पार्टी के साथ जुड़कर काम भी कर सकें।
Published on:
20 Mar 2023 09:14 pm

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