
भोपाल. निजी यूनिवर्सिटी संघ के साथ बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव शैलेन्द्र सिंह चौहान ने हर निजी यूनिवर्सिटी से 5 गांव गोद लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हर यूनिवर्सिटी को पांच गांव गोद लेने होंगे और उनका शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य रूपों में विकास कर एक विस्तृत रिपोर्ट निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग को जमा करनी होगी। साथ ही बैठक में मौजूद निजी यूनिवर्सिटी के कुलाधपतियों से अपर सचिव शैलेन्द्र सिंह ने ये भी कहा कि निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत प्लेसमेंट सेल बनाया जाए जिससे कि अधिक से अधिक छात्रों को अच्छे स्थानों पर नौकरी दिलवाई जा सके।
अपर सचिव के निजी यूनिवर्सिटी संघ के साथ बैठक
निजी विश्वविद्यालय संघ के आग्रह पर शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह जी ने निजी विश्वविद्यालय के कुलाधिपतियों की बैठक बुलाई। इस बैठक में निजी विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे शिक्षा के उत्कृष्ट कार्य प्लेसमेंट स्वरोजगार तथा अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई। बैठक में निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव केपी साहू ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में 47 निजी विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं जिन्होंने पिछले 10 सालों में 709 पीएचडी अवार्ड की गई जो कि यूजीसी के संपूर्ण नियमों का पालन करते हुए दी गई थी।केपी साहू ने बताया कि मध्य प्रदेश के जीआर को बढ़ाने में निजी विश्वविद्यालयों का महत्वपूर्ण योगदान है शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में रोजगार के नए अवसरों को प्रदान किया है साथी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई निजी विश्वविद्यालय बहुत अच्छी पहचान बना रहे हैं।
संघ के अध्यक्ष ने बताईं समस्याएं
इस बैठक में निजी यूनिवर्सिटी संघ के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने निजी विश्वविद्यालय की सभी समस्याओं से अपर मुख्य सचिव शैलेंद्र सिंह को अवगत कराया। जिस पर उन्होंने विभिन्न समस्याओं को दूर करने के लिए एक्ट में आवश्यक संशोधन कराए जाने की बात भी कही है। इस बैठक में संघ के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, संरक्षक जय नारायण चौकसे, कार्यकारी अध्यक्ष अनंत सोनी एवं अनुपम चौकसे, उपाध्यक्ष बीएस यादव, सचिव डॉक्टर अजीत सिंह पटेल ,संयुक्त सचिव गौरव तिवारी शामिल रहे।
Published on:
09 Dec 2022 06:00 pm
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