4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश के 16 नगर निगम सहित 318 निकायों में महापौर-अध्यक्ष की जगह बैठेंगे प्रशासक

- कमिश्नर और कलेक्टर होंगे निकायों में प्रशासक- जनवरी-फरवरी में हो जाएगा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित 318 निकायों का कार्यकाल समाप्त

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Ashok Gautam

Nov 19, 2019

देश के 16 नगर निगम सहित 318 निकायों में महापौर-अध्यक्ष की जगह बैठेंगे प्रशासक

देश के 16 नगर निगम सहित 318 निकायों में महापौर-अध्यक्ष की जगह बैठेंगे प्रशासक

भोपाल। भोपाल-इंदौर सहित प्रदेश के 16 नगर निगमों सहित 318 नगरीय निकायों में जनवरी से प्रशासक नियुक्त करने की तैयारी है।

इन निकायों का कार्यकाल जनवरी-फरवरी 2020 में समाप्त हो रहा है। नियमानुसार यहां इससे पहले चुनाव हो जाना था, लेकिन परिसीमन और मतदाता सूची तैयार नहीं होने के कारण चुनाव का टलना तय माना जा रहा है। इसकी संभावना को देखते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग सभी निकायों में प्रशासक नियुक्त करने जा रही है।

कमिश्नर, कलेक्टर बनेंगे अध्यक्ष
भोपाल, इंदौर सहित अन्य बड़े नगर निगमों में संभाग आयुक्त को प्रशासक बनाया जा सकेगा। वहीं जिला मुख्यालय की नगर निगम में कलेक्टर को यह जिम्मेदारी दी जाएगी। नगर पालिका में एसडीएम और नगर पंचायत में तहसीलदार को प्रशासन नियुक्त किया जा सकता है।

विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर नगरीय प्रशासन मंत्री जयवद्र्धन सिंह को भेज दिया है। प्रशासक नियुक्त करने से पहले सरकार नगर निगमों की परिषद भंग करने की अधिसूचना उसके कार्यकाल समाप्त होने के एक हफ्ते पहले जारी करेगी।


6 माह तक टल सकता है निकाय चुनाव

निकायों का चुनाव 6 माह तक टल सकता है। प्रदेश के कई निकायों में अभी क्षेत्र की सीमा और वार्डों की सीमा तय नहीं हो पाई है।

भोपाल, जबलपुर परिसीमन और विभाजन का मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट के फैसले के बाद इन निकायों का परिसीमन किया जाएगा। सरकार चुनाव के लिए आयोग के पास प्रस्ताव देगी। मतदाता सूची तैयार कर उसका अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

45 दिन पहले जारी होगी अधिसूचना
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग निर्वाचन तारीख से करीब 45 दिन पहले चुनाव की अधिसूचना जारी करेगी।

इसके पहले आयोग कलेक्टरों से चुनाव तैयारियों के संबंध में फीडबैक लेगा। इस दौरान चुनाव आयोग को अगर लगता है कि कुछ जिलों में चुनाव की तैयारी पूरी तरह से नहीं हो पाई हैं, उन्हें आयोग समय भी देगा। इस प्रक्रिया में भी निर्वाचन निर्वाचन कार्यों में देरी लग सकती है।


दो साल बाद होगा 60 निकायों में चुनाव

प्रदेश के 60 निकायों में चुनाव एक साल बाद होना है। इन निकायों को भी 318 निकायों के साथ कराने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

इनमें 55 नगरीय निकाय 5वीं और 6 वीं अनुसूची में शामिल होने के दायरे को लेकर कोर्ट चल रहे कुछ प्रकरणों के कारण अन्य निकायों के साथ चुनाव नहीं हो पाए थे। इसके अलावा पांच निकायों में हाईकोर्ट के फैसले के देरी से आने के कारण चुनाव देरी से हुए थे।

वर्जन -

नगरीय निकायों के परिसीमन के कारण चुनाव आगे बढ़ सकते हैं। एेसी स्थिति में निकायों में प्रशासक नियुक्त करेंगे।

जयवद्र्धन सिंह, मंत्री नगरीय विकास एवं आवास

Story Loader