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mp election 2023: 93 विधायकों पर आपराधिक केस, 47 पर गंभीर मामले, विधायकों की औसत संपत्तित 10.76 करोड़

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स(एडीआर) ने वर्तमान विधायकों की घोषित वित्तीय, आपराधिक, शिक्षा जैसे मुद्दों पर रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव-2018 और उपचुनाव-2020 में प्रस्तुत शपथ-पत्र के आधार पर जारी की गई। वर्तमान विधानसभा में 230 में से 40 प्रतिशत यानी 93 विधायक ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, 20 प्रतिशत यानी 47 विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार 81 प्रतिशत यानी 186 विधायक करोड़पति हैं। इनकी औसत संपत्ति 10.76 करोड़ रुपए हैं। एक विधायक पर हत्या का मामला घोषित किया तो 6 ने हत्या के प्रयास के मामले घोषित किए। 2 विधायकों ने धारा-354 के तहत महिला अत्याचार के मामले घोषित किए। रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के 129 में से 39(30 प्रतिशत), कांग्रेस के 97 में से 52(54 प्रतिशत), बसपा का एक और 3 में से 2 निर्दलीय विधायक पर अपराध दर्ज किए गए।

भाजपा के 83 और कांग्रेस क 78% विधायक करोड़पति

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान विधायकों में 186 (81 प्रतिशत) विधायक करोड़पति हैं। इनमें से भाजपा के 129 में से 83 प्रतिशत यानी 107 विधायक, कांग्रेस के 97 में से 76(78 प्रतिशत) और निर्दलीय तीनों विधायकों की घोषित संपत्ति एक करोड़ से ज्यादा है। भाजपा विधायकों की औसत संपत्ति 9.89 करोड़, कांग्रेस विधायकों की 11.98 करोड़ और बीएसपी विधायक की 96.95 लाख और निर्दलीयों की औसतन संपत्ति 11.98 करोड़ है।

संजय पाठक सबसे अमीर, राम दांगोरे सबसे गरीब

विधायकों में सबसे ज्यादा विजयराघौगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक ने अपनी संपत्ति घोषित की है। उनकी चल-अचल संपत्ति 226 करोड़ की है। वहीं, भाजपा के रतलाम विधायक चैतन्य कश्यप 204 करोड़ के साथ दूसरे और कांग्रेस के इंदौर-1 विधायक संजय शुक्ला 139 करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर हैं।

वहीं, पंधाना विधायक राम दांगोरे के पास महज 50 हजार 749 रुपए की ही चल संपत्ति घोषित की है। भाजपा के डॉ. अंबेडकर नगर विधायक उषा ठाकुर ने 7 लाख 35 हजार 198 रुपए और ब्यौहारी विधायक शरद ने 8.40 लाख की संपत्ति घोषित की है। इन्होंने कोई अचल संपत्ति घोषित नहीं की। वहीं, 38 विधायकों ने अपनी देनदारी एक करोड़ से अधिक घोषित की, इसमें कांग्रेस के बैतूल विधायक निलय डागा की घोषित संपत्ति 127 करोड़ और देनदारी 54 करोड़ रुपए है। वहीं, संजय पाठक ने 52 करोड़ और संजय शुक्ला ने 46 करोड़ की देनदारी घोषित की। वहीं, आयकर विवरण में सबसे ज्यादा वार्षिक आय खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने घोषित की है। कुल संपत्ति 46 करोड़ और स्वयं की आय 97 लाख घोषित की। वहीं, छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ ने कुल संपत्ति 124 करोड़ और पिछोर विधायक केपी सिंह ने 73 करोड़ और सीएम शिवराज सिंह ने 7.66 करोड़ की संपत्ति घोषित की।

62 विधायक 12वीं तक पढ़े

वहीं, 62 विधायक ऐसे हैं जो 5वीं से 12वीं तक ही पढ़े हैं। इसमें एक विधायक असाक्षर, 5 साक्षर, आठ 5वीं पास, सात 8वीं पास, बारह 10वीं और 35 विधायक 12वीं पास हैं। 158 विधायक स्नातक या इससे ज्यादा बताई। 4 विधायक ने डिप्लोमा धारक घोषित किया। 25 से 50 वर्ष के बीच के 96, 51 से 80 वर्ष बीच की आयु के 134 विधायक हैं। 25 से 35 वर्ष के भाजपा के पास 6 तो कांग्रेस के पास 9 तथा सबसे ज्यादा उम्र (76 प्लस) भाजपा के पास 2 विधायक हैं।विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सिर्फ 9 प्रतिशत है, विधानसभा में 20 महिला विधायक हैं।

22 विधायकों ने बदली पार्टी

रिपोर्ट के अनुसार 13 अक्टूबर तक 22 विधायकों ने पार्टी बदली। इसमें से 18 विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए तो बसपा से भिंड विधायक संजीव सिंह भाजपा, सपा के बिजावर विधायक राजेश कुमार भाजपा में गए। वहीं, भाजपा के कोलारस विधायक बृजेन्द्र रघुवंशी कांग्रेस और सुसनेर से निर्दलीय विधायक राणा विक्रम सिंह भाजपा में गए।