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ये होली के रंग नहीं, यहां मसालों में भी चल रहा मिलावट का खेल! खाद्य विभाग के अफसर बेखबर

होली के रंग नहीं, ये खाने के मसाले हैं जनाबमसालों में मिलावट: आसपास के जिलों तक होती है सप्लाई

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दूध में ही नहीं यहां मसालों में भी चल रहा मिलावट का खेल! खाद्य विभाग के अफसर बेखबर

भोपाल. पुराने शहर का आजाद मार्केट....यहां किराने का बड़ा बाजार है। रोज यहां से कई क्विंटल की बिक्री होती है। आप यह तस्वीर देखकर धोखे में न आएं। ये होली के रंग नहीं मसाले हैं। इसकी सच्चाई जानने की जिम्मेदारी खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अफसरों पर है, लेकिन वे त्योहारों पर इस तरफ कार्रवाई करना तो दूर झांकने तक नहीं जाते।

इस बाजार में भोपाल ही नहीं, सीहोर, विदिशा, रायसेन और आस-पास के जिलों से भी खरीददार सामान लेने आते हैं। कई दुकानें हैं, जिनमें इसी तरह मसालों के ढेर लगे हैं। यहां दालचीनी, अरहर दाल, मूंगदाल, चने की दाल, चावल की बिक्री भी अच्छी खासी होती है।

कुछ समय पूर्व एक दुकान पर बेची जा रही दालचीनी में लकड़ी मिलने का मामला सामने आया था, लेकिन पुराने शहर के बाजारों में क्या बेचा जा रहा है, इसे लेकर कोई अधिकारी गंभीर नहीं है। यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए यहां जांच करें तो मिलावट का बड़ा गोरखधंधा सामने आ सकता है।

हाट में भी खप जाते हैं कई क्विंटल मसाले

राजधानी में अलग-अलग दिनों में हाट बाजार भी लगता है। यहां पर बड़ी संख्या में पिसे हुए और खड़े मसाले बेचे जाते हैं। कस्तूरबा, गोविंदपुरा, बिट्टन हाट बाजार, कोटरा, कोलार, पिपलानी सहित अन्य जगहों पर सडक़ पर दुकान लगाकर अच्छी मात्रा में मसाले बेचे जा रहे हैं। यहां टीम आज तक जांच करने नहीं गई। ये लोग कौन से मसाले बेच रहे हैं? कहां से मसाले लाते हैं? रेट क्या हैं? कोई सवाल जवाब नहीं करता।

बाइक से बेचते थे नकली दूध, नेटवर्क बनाकर खोली फैक्ट्रियां,टैक्स चोरी भी कीपत्रिका न्यूज नेटवर्क

इधर, एसटीएफ ने भिंड-मुरैना की वन खड़ेश्वरी डेयरी, गिर्राज फूड और गोपाल आइस फैक्ट्री में नकली दूध का कारोबार पकडऩे के बाद अब तक की जांच में पाया कि तीनों फैक्ट्रियों के संचालक अलग-अलग समय में बाइक से नकली दूध बेचते थे। फिर धीरे-धीरे नेटवर्क बढ़ता गया।


अब एसटीएफ वन खड़ेश्वरी डेयरी के मालिक देवेंद्र गुर्जर, जयवीर गुर्जर, रामनरेश गुर्जर और दिनेश शर्मा, गिर्राज फूड एंड सप्लायर के मालिक संतोष सिंह, गोपाल आईस फैक्ट्री एवं चिलिंग सेंटर के राजीव गुप्ता को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

आरोपियों ने स्वीकार किया है कि छोटे स्तर से सिंथेटिक दूध का कारोबार शुरू करने के बाद अपने नेटवर्क को खड़ा किया। बाद में कारखाने भी शुरू कर दिए। जांच अफसरों को जानकारी मिली है कि आरोपियों ने फैक्ट्रियां खोलने के लिए बैंकों से लोन लिया है। अब एसटीएफ बैंकों से इस संबंध में पूछताछ कर रही है।

इधर, चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि तीनों फैक्ट्रियों के मालिकों ने आयकर रिटर्न तो भरा लेकिन 5, 10 और 12 लाख रुपए आय दिखाई है। जबकि एसटीएफ की जांच में पता चला है कि एक फैक्ट्री का एक दिन का मुनाफा 1 से 2 लाख रुपए तक है। ऐसे में आशंका है कि आरोपियों ने टैक्स की भी चोरी की है।