
भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स भोपाल में भर्ती मरीजों के लिए आने वाले 20 दिन मुश्किलों भरे हो सकते हैं। यहां इलाज के लिए पूरे डॉक्टर नहीं मिलेंगे, बल्कि 60 ऑपरेशन भी टाले जाएंगे। दरअसल, एम्स भोपाल में डॉक्टरों के लिए बुधवार से 3 अगस्त तक ग्रीष्म कालीन अवकाश की शुरुआत की गई है। इस दौरान डॉक्टरों के छुट्टी पर रहने के कारण 60 ऑपरेशन टाले जाएंगे। ऑपरेशन को टालने से सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। मालूम हो कि कोविड के चलते बीते दो साल से डॉक्टरों को ग्रीष्मकालीन अवकाश नहीं मिल रहे थे। डॉक्टरों की मांग पर एम्स दिल्ली में इसे लागू किया गया। आननफानन में मंगलवार को एम्स भोपाल में भी अवकाश शुरू कर दिए गए।
अब करना होगा इंतजार
12 जुलाई को एम्स के 13 विभागोंं के ऑपरेशन शेड्यूल तैयार किए गए थे। इसमें 12 जुलाई से 3 अगस्त तक 120 मेजर और माइनर ऑपरेशन तय किए गए थे। 13 जुलाई को ग्रीष्मकालीन अवकाश की सूचना मिलने पर डॉक्टरों से ऑपरेशन रीशेड्यूल करने को कहा गया। अब नए शेड्यूल के मुताबिक इस दौरान सिर्फ 60 ऑपरेशन ही किए जाएंगे।एम्स प्रबंधन के मुताबिक ग्रीष्मकालीन अवकाश को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला चरण 14 जुलाई से 23 जुलाई तक होगा। इस दौरान आधे डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। 24 जुलाई को सामान्य कार्यदिवस और 25 जुलाई से 03 अगस्त तक दूसरा चरण होगा जिसमें बाकी बचे हुए डॉक्टर छुट्टी पर जाएंगे।
गंभीर मरीजों को हो सकता है नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य ऑपरेशन तो चल जाते हैं लेकिन गंभीर मरीजों के लिए इतना लंबा इंतजार ठीक नहीं रहता। ऐसे में उनका मर्ज बढऩे की आशंका रहती है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने उन्हीं ऑपरेशन को आगे बढ़ाया है जिसको बाद में भी किया जा सकता है। अभी कोरोना के नए मरीज भी कम ही आ रहे हैं। ऐसे में एम्स में नॉन कोविड मरीजों को इलाज मिल पा रहा है। यदि फिर से केस बढऩे लगे तो मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाएगा।
Published on:
15 Jul 2021 12:48 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
