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एम्स ने बनाई रेपिड रिस्पॉन्स टीम, दावा है 7 मिनट में मिलेगा इलाज

नवाचार: पहले चरण में एम्स परिसर और आसपास के रिहाइशी क्षेत्रों में मिलेगी सुविधा

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एम्स ने बनाई रेपिड रिस्पॉन्स टीम, दावा है 7 मिनट में मिलेगा इलाज

भोपाल. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल रेपिड रिस्पांस टीम की सुविधा देने जा रहा है। परिसर व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक, बर्न या अन्य कोई दिक्कत है और वह एम्स को कॉल करता है तो सात मिनट में उसे प्राथमिक उपचार मिल जाएगा। पीडि़त को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। गौरतलब है कि बीते माह एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के चिकित्सक डॉ. रमेश चौहान की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। सीने में दर्द होने पर परिजनों ने एम्स को सूचना दी, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस न होने से डॉ. चौहान को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिला। ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए एम्स प्रबंधन ने इस टीम का गठन किया है।

इजरायली संस्था की तर्ज पर बनेगा ट्रामा
इसके साथ ही एम्स में ट्रामा यूनिट की तैयारियां इजरायली संस्था माशाव की तर्ज पर की गई हैं। इसमें एफ-1 रेसिंग टीम की तरह प्रत्येक व्यक्ति को पता होता है कि कार आने पर उसे कहां खड़ा होना है और क्या काम करना है। इसी तर्ज पर एंबुलेंस आने पर ट्रामा टीम की भूमिका रहेगी। यह सिस्टम नर्सों को सशक्त कर डॉक्टरों के साथ तालमेल बढ़ाने के फॉर्मूले पर काम करता है।

टीम में पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर ड्राइवर तक
एम्स प्रबंधन के मुताबिक टीम में दो चिकित्सकों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ शामिल किया है। टीम के सभी कर्मचारियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग दी जाएगी। तीन एएलएस एंबुलेंस भी रहेंगी। कॉल सेंटर भी तैयार हो रहा है, जिस पर फोन आने के बाद कर्मचारी डॉक्टर व एंबुलेंस ड्राइवर को जानकारी फॉरवर्ड करेगा। सात मिनट के भीतर एंबुलेंस मरीज के घर पहुंच कर उसे प्रथमिक उपचार देगी।
नई टीम में चार एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। जैसे ही एंबुलेंस आती है टीम काम शुरू कर देगी। फिलहाल यह एम्स परिसर और पास की कॉलोनियों में काम करेगी। इसके परिणामों को देखने के बाद दायरा बढ़ाया जाएगा।
डॉ. मनीषा श्रीवास्तव, अधीक्षक, एम्स अस्पताल