
Air pollution
Air pollution: देश के 255 शहरों में दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है, जबकि मध्यप्रदेश के शहर सतना की आबोहवा सबसे बेहतर है। जनवरी 2024 में प्रदूषण को लेकर सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एनर्जी की जारी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक देश के 10 प्रदूषित शहरों में बिहार के दो, राजस्थान के दो, उत्तर प्रदेश के दो, असम का एक, हरियाणा का एक, हिमाचल प्रदेश का एक और दिल्ली भी रही। रोकथाम के तमाम प्रयासों के बावजूद एनसीआर के 5 शहर टॉप-10 प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।
इन शहरों में प्रदूषण के स्तर का आकलन जनवरी 2019 में घोषित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। इसका उद्देश्य देश के 131 शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना है। जिसके तहत भारत के 271 शहरों में 539 कॉन्टुनियस एम्बियंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए गए। इनमें से सिर्फ 255 शहरों में ही जनवरी के लिए 80 फीसदी दिनों का हवा की गुणवत्ता का डेटा उपलब्ध था। जबकि 11 शहरों में तो 20 से कम दिनों का डेटा उपलब्ध था।
पीएम 2.5 का स्तर 5 से ज्यादा हानिकारक: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पीएम 2.5 के लिए पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (सालाना औसत) का मानक तय किया है। डब्ल्यूूएचओ के अनुसार इससे ज्यादा दूषित हवा में सांस लेने से बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इस लिहाज से देखें तो दुनिया के केवल 0.18 फीसदी हिस्से में वायु गुणवत्ता का स्तर इससे बेहतर है। वहीं भारत में दैनिक नेशनल एम्बियंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तय किया गया है। गौरतलब है कि प्रदूषण के बेहद महीन कणों को पीएम 2.5 कहा जाता है, जिनका व्यास आम तौर पर 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटा होता है।
इस कारण बढ़ा प्रदूषण
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर भारत में हवा की कम गति और अपेक्षाकृत ठंडे उत्तर भारत में एक स्थिर वायुमंडल की दशाओं का विकास हुआ। जिसके कारण पृथ्वी की सतह के पास प्रदूषण करने वाले कण ज्यादा मात्रा में बने रहे। इस दौरान वायु का प्रसार नहीं हो सकने के कारण इन इलाकों में प्रदूषण बढ़ गया।
Published on:
16 Feb 2024 11:02 am
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