
Chief minister shivraj singh chouhan in auto rikshaw.
भोपाल। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री महिला कोष बनाएगी। 50 वर्ष से अधिक आयु की विधवा और अविवाहित महिलाओं को पेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जवाहर बाल भवन में हुए कार्यक्रम में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बेटियों की गरिमा को मलिन करने वालों को फांसी की सजा होगी। इसके लिए कानून बनाने की प्रक्रिया का अनुमोदन केंद्र को भेजा है। आंगनबाड़ी में वितरित होने वाले टेक होम राशन के उत्पादन और प्रदाय कार्य महिलाओं के स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन के जरिए किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों के छात्रों के यूनिफार्म की सिलाई का कार्य भी महिला स्व-सहायता समूहों को दिया जाएगा। योग्य महिला स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन के कर्ज की गारंटी सरकार लेगी।
ये घोषणाएं की
मुख्यमंत्री महिला कोष की स्थापना। 50 वर्ष से अधिक आयु की विधवा और अविवाहित महिलाओं को पेंशन। कामकाजी महिलाओं के लिए वसतिगृह की सुविधा। सरकारी वकीलों की नियुक्ति में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण। महिला श्रमिक को गर्भावस्था में 6 महीने से लेकर प्रसव तक 4000 और उसके बाद 12 हजार रुपए दिए जाएंगे।
कांग्रेस की आपत्ति पर सीएम बोले- नई नहीं है यह घोषणा
मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं पर विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने आपत्ति की। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, जब सदन चल रहा है तो मुख्यमंत्री बाहर कैसे घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, जो घोषणाएं यहां होनी चाहिए थी, सीएम उन्हें बाहर कर रहे हैं। इससे सदन की गरिमा घटी है।
परंपरा रही है कि सदन के चलते समय घोषणाएं केवल यहीं पर हो। बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि महिला दिवस पर सदन से बाहर महिलाओं के लिए कोई नई घोषणा नहीं की गई है। उन्होने कहा, ये घोषणाएं तो पनागर-जबलपुर में करके आया था। इन्हीं घोषणाओं को महिला दिवस के कार्यक्रम में दोहराया है। आप चाहें तो हमारे वहां के विधायक से पूछ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सदन में अपनी इन घोषणाओं को दोहराते हुए कहा कि पैसा हम महिलाओं के बैंक खाते में देंगे।
Published on:
09 Mar 2018 09:45 am
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