
Haj yatra 2026 pilgrim medical fitness test (फोटो- Patrika.com)
MP News: हज यात्रा (Haj Yatra 2026) पर जाने के लिए चयनित कुछ यात्री सेहत के आधार पर बाहर भी हो सकते हैं। यह स्थिति तब बनेगी, जब कोई यात्री निर्धारित स्वास्थ्य मानकों पर खरा नहीं उतरेगा। सेंट्रल हज कमेटी ने हज यात्रियों की सेहत की दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए नए और सख्त मापदंड तय किए गए हैं, जिनमें शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी अनिवार्य किया गया है। हज यात्रा अप्रैल और मई माह में शुरू होगी।
प्रदेश से इस वर्ष हज यात्रा के लिए करीब 10 हजार 300 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 7534 यात्रियों का चयन हो चुका है, जबकि 2794 लोग वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं। राजधानी भोपाल से लगभग 800 हज यात्री इस बार हज पर जाएंगे। सऊदी सरकार और भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ माइनॉरिटी अफेयर्स) ने स्वास्थ्य जांच के लिए नए पैमाने तय किए हैं। इन मापदंडों के अनुसार यात्रियों को सरकारी चिकित्सकों से जांच (medical fitness test) कराकर प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।
हज यात्रियों को सेहत जांच से जुड़ी एक स्पेशल बुकलेट भी दी जा रही है। इस बुकलेट में यात्री का ब्लड ग्रुप, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक मेडिकल रिपोर्ट और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज रहेंगी। यह बुकलेट हज यात्रा के पूरे चालीस दिनों तक यात्रियों को अपने साथ रखना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर इसी बुकलेट के आधार पर इलाज और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्टेट हज ट्रेनर और मप्र हज कमेटी से जुड़े मुफ्ती फय्याज ने बताया कि हज पर जाने वाले हर यात्री की सेहत की गंभीरता से जांच की जाएगी। खास तौर पर फिजिकल फिटनेस को परखा जाएगा और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी सेहत में सुधार करें। हज यात्रा लंबी और कठिन होती है, ऐसे में पूरी तरह स्वस्थ होना यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी है। (MP News)
Published on:
17 Jan 2026 03:30 am
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