
भोपाल। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर सोमवार को स्थायी कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपा। कर्मचारियों ने कहा कि अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। मप्र स्थायी कर्मी कल्याण संघ शारदा सिंह परिहार ने बताया कि शासन द्वारा 7 अक्टूबर 2016 को निर्देश दिए थे कि जिला स्तर पर समिति गठित कर वरीयता सूची के जरिए स्थायी कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर नियमित किया जाएगा। भोपाल जिला कलेक्टर द्वारा अब तक यह प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है, जबकि आदेश जारी हुए दो वर्ष का समय बीत चुका है। इसके कारण कर्मचारियों में रोष है।
रेलवेकर्मी आज से भूख हड़ताल पर
इधर भोपाल में ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन (एआइआरएफ) के आह्वान पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले रेलवे के दर्जनों कर्मचारी मंगलवार से तीन दिवसीय भूख हड़ताल करेंगे। भोपाल रेलवे स्टेशन पर आरक्षण कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। देश भर में सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शन होगा।
डब्ल्यूसीआरइयू की मुख्य मांगों में एनपीएस हटाने, पुरानी गारंटेड पेंशन, फैमिली पेंशन बहाल करने, न्यूनतम वेतन एवं फिटमेंट फार्मूले में किए गए आश्वासन के अनुरूप तत्काल सुधार करने जैसी मांगें शामिल हैं। रेलों के निजीकरण-निगमीकरण की नीति पर रोक लगाने, रनिंग स्टाफ के माइलेज-किलोमीटर एलाउंस का रिवीजन करने और वर्कशॉप स्टाफ के लिए 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन पर इंसेंटिव दिए जाने की मांग रखी।
मेस बंद, धरने पर बैठे छात्र
वहीं भोपाल के आदिवासी छात्रावासों में दो माह के लिए मेस बंद कर दिए गए हैं। इससे तीन सौ से ज्यादा छात्रों पर खाने का संकट खड़ा हो गया है। छात्रों ने इस संबंध में पीएस से लेकर कलेक्टर तक को ज्ञापन सौंपा, लेकिन पांच दिन में कोई हल नहीं निकला तो सोमवार को छात्र धरने पर बैठ गए। इस मामले में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें साल में सिर्फ 10 माह के राशन का कोटा मिलता है जिसे वे मेस संचालक को जारी कर चुके हैं। शासन के नियम में मई जून में मेस बंद करने का प्रावधान है।
Published on:
08 May 2018 05:22 pm
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