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भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के बीच मंत्रालय में हुई बैठक में निगम-मंडलों में नियुक्तियों के लिए पॉलिसी बनाने पर भी सहमति बन गई है। बैठक में ये तय किया गया कि अगले एक से डेढ़ महीने में अधिकतर नियुक्तियां कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी से ऐसे 100 नेताओं के नाम मांगे हैं जो पिछले 15 सालों से कांग्रेस की सरकार लाने के लिए मेहनत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इसकी जिम्मेदारी पीसीसी उपाध्यक्ष चंन्द्रप्रभाष शेखर, महासचिव राजीव सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी और रामनिवास रावत को दी है। दीपक बावरिया ने मुख्यमंत्री से संगठन के पुनर्गठन के बारे में भी चर्चा की। जल्द ही प्रदेश संगठन में बदलाव किया जाएगा।
- निकाय-पंचायत चुनाव की रणनीति बनाएं
मुख्यमंत्री ने बावरिया से कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की रणनीति बनाकर दें। उनके पास समय की कमी है ऐसे में बावरिया सीधे समन्वय करें, जिससे प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निकाय और पंचायतों की सीटें जीती जा सकें।
- काम करने वाले को मिलेगी निगम-मंडल में जगह
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने साफ कर दिया है कि निगम-मंडल में जगह सिफारिश से नहीं, बल्कि काम के आधार पर मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को दावेदारों का जमावड़ा लगा रहा। निगम-मंडल में जगह पाने वाले बावरिया को अपना बायोडाटा सौंपकर कांग्रेस की जीत में अपना योगदान गिना रहे थे। एक महिला नेत्री ने कहा कि वे पिछले 15 साल से पार्टी के लिए संघर्ष करती आ रही हैं। अब उनको निगम-मंडल में जगह मिलनी चाहिए। जो लोग टिकट से वंचित रह गए थे वे नेता भी बावरिया से मिलने पहुंचे। बावरिया ने संगठन के विभाग-प्रकोष्ठ और फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन के नेताओं के साथ भी बैठक की। बावरिया ने कहा कि संगठन की पूरी समीक्षा की जा रही है। जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष का फैसला हो जाएगा। निगम-मंडल में नियुक्तियां भी क्राइटेरिया के आधार पर की जाएंगी। स्थानीय लोगों से दावेदार का फीडबैक भी लिया जाएगा। जो पार्टी के प्रति निष्ठावान होंगे उन्हें ही मौका दिया जाएगा। लंबे समय बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी है, इसलिए कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए।
- निगम-मंडल में नियुक्ति की नीति
राजनीतिक, सामाजिक, क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को देखते हुए समन्वय के साथ नियुक्तियां की जाएंगी।
इन नियुक्तियों में महिलाओं और युवाओं का खयाल भी रखा जाएगा।
कार्यकर्ता का विधानसभा और लोकसभा चुनाव में काम देखा जाएगा।
पदाधिकारियों के चुनाव में परफॉर्मेंस का आकलन भी किया जाएगा।
पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता भी परखी जाएगी।
Published on:
01 Nov 2019 05:38 am
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