
रंग-रूप का मिथक तोड़ कला के दम पर छाई भूमिका
शकील खान
भोपाल . हुनर है तो कोई भी बाधा राह नहीं रोक सकती है। यह साबित किया है राजधानी की भूमिका दुबे ने। वह भी उस समय जब खूबसूरती अदाकारी पर भारी पड़ रही है। सांवले रंग की भूमिका बड़े पर्दें पर अपनी अदाकारी के दम पर एक अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके लिए इन्हें कई अवॉर्ड भी मिले हैं। भूमिका कहती हैं आज भी हमारे देश में कला से ज्यादा रंग रूप देखा जा रहा है। गोरी और सुंदर लड़कियां एक्टिंग पर भारी पड़ती हैं और रोल ले भागती हैं। अब बदलाव भी आ रहा है। सीधी साधी और कमतर सुंदर लड़कियों पर सीरियल बन रहे हैं। वे शायद यही कहना चाह रहे हैं कि रंग नहीं कला देखो। भूमिका के पिता गोपाल दुबे रंगकर्मी हैं ऐसे में बचपन से ही वे रंगकर्म से जुड़ी हैं। 2012 में एनएसडी में एक्टिंग की बारीकियां सीखने के लिए प्रवेश लिया। वहां उनके आर्ट को देखकर काम मिलने लगा। भूमिका मानव कौल जैसे मंझे हुए डायरेक्टर के साथ थिएटर के बाद बेव सीरीज कर चुकी हैं। साथ ही फिल्म मित्रों, मोतीचूर चकनाचूर करने के बाद लगभग 25 से ज्यादा कमर्शियल एड किए हैं। भूमिका को शॉर्ट फिल्म अगला स्टेशन के लिए रिलायंस मेट्रो फेस्टिवल में बेस्ट एक्ट्रेस का तमगा भी मिल चुका है।
बॉलीवुड स्टार के साथ किया काम
भूमिका बॉलीवुड के बड़े अभिनेताओं के साथ काम कर चुकी हैं। विद्या बालन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी सहित कई स्टार के साथ ये बड़े पर्दे पर अभिनय का हुनर दिखाया।
अभिनय को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया प्लेटफॉर्म
इंडी सिनेमा प्रैक्टिशनर्स की मदद के लिए 'आबोबो' का गठन किया गया है। भूमिका थिएटर ग्रुप के बैनर तले उन्होंने न सिर्फ अभिनय, बल्कि कास्टिंग से लेकर निर्देशन, लेखन, प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया है। भोपाल की कहानी पर आधारित साइकिल, ची पटाका दुम्पा जैसी शार्ट फिल्में तैयार हैं।
Published on:
23 Sep 2021, 11:48 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.