भोपाल

मेरे नाम से लोगों को मिस या मिस्टर वाला कंफ्यूजन होता है लेकिन अब मुझे फर्क नहीं पड़ता

बॉलीवुड सिंगर कीरथी सगाथिया ने शेयर की अपने नाम की कहानी

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Sep 11, 2018
keerthi sagathia

भोपाल। मेरा बर्थ नेम Kirti है और Keerthi नाम मुझे ए आर रहमान सर ने दिया। क्योंकि मद्रास में ti नहीं thi होता है। हालांकि दोनों का मतलब 'विजय' ही है। अब मैं बॉलीवुड क्रेडिट में भी अपना नाम Keerthi ही रखता हूं। मैं चाहता था कि बॉलीवुड के संगीतकार मुझे जानें और आज वो सभी मुझे जानते हैं। मेरा लक्ष्य मैंने पूरा कर लिया लेकिन अब लोगों तक पहुंचना है उसकी कोशिश चल रही है, यू-ट्यूब के जरिए लोगों तक पहुंच रहे थे।

पहले फ्लाइट टिकट में मिस या मिसेज कीर्ति हो जाता था तो वो सिर्फ मेरे लिए एक हंसी की बात होती थी। लेकिन अब तो वो भी मायने नहीं रखता है लेकिन इसका अर्थ बहुत जरूरी है। मेरी वाइफ ही मेरी मैनेजर है और जब भी कभी कोई कॉल्स आते हैं तो मेरी वाइफ इरिटेट जरूर हो जाती हैं और उसे कहना पड़ता है कि उनका नाम मिस नहीं मिस्टर कीर्थी हैं। नाम से जुड़ी कुछ ऐसी कहानी है बॉलीवुड सिंगर कीरथी सगाथिया की। मंगलवार को कीरथी शहर में थे। इस दौरान उन्होंने पत्रिका प्लस से विशेष बातचीत की।

कीरथी प्रसिद्ध गुजराती लोक गायक करसन सगाथिया के बेटे हैं और वर्ष 2005 में सोनी टीवी के रिएलिटी शो फेम गुरुकुल में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुके हैं। वे गुरु, स्पेशल-26, रांझणा, परमाणु जैसे फिल्मों के हिट गाने और आमिर खान के शो सत्यमेव जयते का टाइटल ट्रैक गा चुके हैं। वहीं अपकमिंग मूवी लवरात्रि में भी पहली बार अपने पिता के साथ गाना गा रहे हैं।

मुझे संगीत में जबरदस्ती डाला गया
कीरथी ने बताया कि मुझे संगीत में जबरदस्ती डाला गया। बचपन में जब भी मैं साइकिल की डिमांड करता था तो हमारा फोकस शिफ्ट करने के लिए घर में एक नया वाद्ययंत्र आ जाता था। म्यूजिक से बचने के लिए हमारे पास कुछ नहीं था। कभी सोचा कि घर से कहीं बाहर दोस्त, रिश्तेदारों के घर जाओ तो वहां भी म्यूजिक ही होता था।
मैं छठवीं क्लास में तीन बार फेल हुआ। कॉन्वेंट स्कूल में था तो 2 साल फेल होने पर निकाल दिया जाता था। मेरे प्रिंसिपल ने पापा को बुलाया और कहा कि देखिए ये बहुत अच्छा लड़का है इसकी कोई कम्प्लेन नहीं आती है। बस इतनी सी दिक्कत है कि इसका पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता है। ये इतने माक्र्स भी नहीं ला पाता कि 4-5 ग्रेस माक्र्स देकर इसे आगे बढ़ा दिया जाए। इसका पूरा फोकस म्यूजिक पर है तो इसे वही सिखाएं। पापा मुझे वहां घर ले गए और शाम को बोले कि तैयार हो जा... वो मुझे जयपुर घराने के कालिका प्रसाद जी के पास ले गए जिनसे उन्होंने भी संगीत सीखा है। उनसे कहा कि गुरुजी आज से ये आपकी अमानत है अगर संगीत नहीं किया तो ये कुछ नहीं कर पाएगा।

सिर्फ पांचवी पास हूं, यूके एंबेसी ने गाना सुनकर दिया था वीजा
मैंने छठवीं क्लास में फेल होने के बाद कभी पढ़ाई ही नहीं की। जब मैं पहली बार यूके गया तो बहुत प्रॉब्लम हुई क्योंकि वहां इंग्लिश बोलनी पड़ती है जो मेरी बहुत खराब है। जब भी मैं मीडिया से इंट्रैक्शन करता हूं तो मेरी वाइफ मुझे हमेशा मैसेज करती हैं कि हिन्दी में ही बात करना। मैंने अपने गाने से लोगों को इतना मोहित कर दिया कि लोगों ने कभी मुझसे मेरा एजुके शन नहीं पूछा। कीरथी ने बताया कि जब मैं यूके में परफॉर्म करने जा रहा था तो यूके एंबेसी ने मुझसे पूछा कि क्या करते हो मैंने बोला गाना गाता हूं। उन्होंने बोला कौन सा गाना गाते हो, मैने कहा इंग्लिश छोड़ सब कुछ... इसके बाद मैंने उन सबको कुछ गाने और गजलें सुनाई तब जाकर मुझे यूके का वीजा मिला।

जॉनी लीवर मेरे गॉड फादर हैं
कीरथी बताते हैं कि मैं बहुत अ'छा ऑब्र्जवर हूं, यह मैंने जॉनी लीवर सर से सीखा है और मैं उनको अपना गॉडफादर और गुरु मानता हूं। उन्होंने ही मुझे पहली बार स्टेज दिलवाया था और वह मुझे हमेशा ही बहुत मोटिवेट करते हैं। यूके, यूएस जहां भी मैने परफॉर्म किया सब उनकी वजह से संभव हो पाया। पहली बार जब मैं विदेश जा रहा था तो एंबेंसी ने कहा कि यह लड़का वहां से वापस अपने देश आएगा इसकी गारंटी है? तो जॉनी सर ने अपने पावर ऑफ अटॉर्नी को बतौर सिक्योरिटी रखकर उन्हें इस बात के लिए राजी किया।

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Published on:
11 Sept 2018 09:19 pm
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