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चुनाव से पहले उमा भारती का 17 साल पुराना वीडियो वायरल, उमा ने ऐसे दी सफाई

देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं और इस बीच उमा भारती का 17 साल पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। उमा भारती ने इस बयान का एक बार फिर खंडन किया है।

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भोपाल

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Manish Geete

Apr 17, 2024

uma bharti news

देशभर में लोकसभा चुनाव (lok sabha election 2024) चल रहे हैं और इस बीच उमा भारती का 17 साल पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। उमा भारती ने इस बयान का एक बार फिर खंडन किया है। उमा ने इसे मोदी विरोधियों की साजिश करार दिया है। गौरतलब है कि उमा भारती इन दिनों उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा पर हैं और इस समय देवप्रयाग में हैं।

भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती इस समय उत्तराखंड के देव प्रयाग में है और देश में हो रहे लोकसभा चुनाव के दौरान उमा भारती का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान में उमा भारती ने 2007 के गुजरात चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी पर कई आरोप लगाए थे। उमा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक बार फिर इस पर सफाई दी है। इससे पहले 2014 और 2019 के चुनाव के दौरान भी उमा का यह वीडियो वायरल हो चुका है।

क्या कहा उमा भारती ने

17 साल पहले 2007 में उमा भारती ने जब भाजपा छोड़ दी थी और अलग होकर अपनी नई पार्टी भारतीय जन शक्ति बना ली थी। उस समय उमा भारती (uma bharti) की पार्टी की गुजरात इकाई ने भी उम्मीदवार खड़े किए थे। तब उमा भारती ने वहां जोर-शोर से प्रचार किया था। उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे। उमा ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान दिया था, जो आज फिर वायरल हो रहा है। इसी बयान को लेकर उमा भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर सफाई दी है। उमा भारती ने कहा है कि इसका वह पहले भी खंडन कर चुकी हैं, लेकिन उनके बयानों को ही बार-बार सोशल मीडिया के जरिए वायरल किया जा रहा है। जबकि उस बयान के खंडन का उल्लेख भी नहीं किया जा रहा है।

उमा ने लिखी 4 बातें

उमा ने सोशल मीडिया एक्स पर कई बातें लिखी हैं। इनमें…।

  1. मोदी विरोधियों ने 2014 से मेरे जिस वीडियो को जो मोदी जी के बारे में है वह फिर दिखा रहे हैं। वैसे भी यह मोदी विरोधियों की वैचारिक दरिद्रता का प्रतीक है। 2014 में जब मैंने चुनाव आयोग में इस पर आपत्ति दर्ज करने की कोशिश की तो मोदी जी ने ही मुझे कहा कि इसका खंडन करने की जरूरत नहीं है 'उनको बकने दो।'
  2. भाजपा से निकाले जाने के बाद जब मैंने 'भारतीय जनशक्ति' बनाई तब 2007 में गुजरात विधानसभा में भारतीय जनशक्ति पार्टी की गुजरात इकाई ने उम्मीदवार खड़े कर दिए। जब मैं वहां चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंची तब जाते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उस समय पर मुझे लिखित में गुजरात के बारे में जो जानकारी दी उसका मैंने प्रेस में उल्लेख किया।
  3. प्रेस कांफ्रेंस के बाद जब मैंने गुजरात का रोड से दौरा शुरू किया, लोगों से मिली, विकास का प्रकाश अपनी आंखों से देखा तो मुझे अपने ही वक्तव्य का गहन पश्चाताप हुआ, फिर मैंने दोबारा प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी ही बातों का खंडन करते हुए अपने सभी उम्मीदवारों को मोदी जी के समर्थन में वापस ले लिया।
  4. यह कितनी बड़ी मूर्खता का अंधेरा है कि मेरी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को दिखा रहे हैं तथा दो दिन बाद की गई दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस को नहीं दिखा रहे हैं। मैं मोदी विरोधियों के इस मूर्खतापूर्ण कदम की घोर निंदा करती हूं।