भोपाल। आगरा का पेठा, नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेठा केवल स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि हेल्थ भी बनाता है। इसे वातशामक होने से इसका प्रयोग वात विकारों में किया जाता है। इसके सेवन से उन्माद व मानसिक समस्याएं दूर होती हैं और पाचनशक्ति बढ़ती है। आयुर्वेद चिकित्सक मनोज माथुर से जानिए पेठा को कैसे इस्तेमाल कर आप बीमारियों से निजात पा सकते हैं।
0 पेट और छाती की जलन, अम्लपित्त, उल्टी आदि समस्याएं होने पर पेठे का रस पीने या पेठे का साग बनाकर खाने से लाभ होता है।
0 रक्तप्रदर की समस्या होने पर पेठे का साग घी में भूनकर खाएं या उसका रस निकालकर उसमें शक्कर मिलाकर पीएं. यह प्रयोग अधिक मासिक धर्म और रक्त की कमी में भी लाभकारी है।
0 अधिक पित्त के कारण होनेवाली बीमारियों में पेठे का पाक 2-2 टुकड़ा सुबह-शाम नियमित चबाकर खाने से लाभ होता है।
0 50 ग्राम पेठे के बीज को पानी के साथ पीसकर उसे पानी में घोलकर छान लें. फिर उसमें थोड़ा-सा शहद मिलाकर मरीज़ को पिलाने से पेट के भीतर चिपके छोटे-छोटे कीड़े निकल जाते हैं.
0 पेठे की गिरी को पीसकर नियमित सेवन करने से बल की वृद्धि होती है और शारीरिक कमज़ोरी दूर हो जाती है। पेठे का पाक बनाकर खाने से भी शरीर पुष्ट होता है।
0 5-5 लीटर पेठे का रस और गाय का दूध व 325 ग्राम आंवला चूणज़् लेकर धीमी आंच पर पकाएं। जब वह पककर पिंड-सा हो जाए, तो उसमें 325 ग्राम शक्कर मिलाकर रख लें।
इसे 25 से 40 ग्राम की मात्रा में नियमित कुछ दिनों तक सेवन करने से प्यास, अम्लपित्त, पीलिया, रक्तपित्त आदि रोग दूर होते हैं।