आसपास के पर्यटक स्थलों व अभयारण्यों में बढ़ी भीड़, राजधानी में जबर्दस्त तैयारियां
भोपाल. क्रिसमस के साथ ही साल के अंत का पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है। नए साल के स्वागत और साल 2022 की विदाई के लिए शहर के होटल बुक हो चुके हैं। राजधानी भोपाल के आसपास के पर्यटक स्थलों पर बाहर के सैलानियोंं ने पहुंचना शुरू कर दिया है। वन अभयारण्यों में भी भीड़ बढ़ गई है। भोपालवासियों और यहां पहुंचे सैलानियों को शौर्य स्मारक, भारत भवन, भीमबेटका, शहीद भवन के पास मस्ती करते हुए देखा जा सकता है।
झीलों की नगरी के बड़ा और छोटा तालाब पर्यटकों की पहली पसंद हैं। इसके बाद शौर्य स्मारक, भारत भवन, भीमबेटका, जैसी जगहें पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। ऊपरी झील, जिसे भोजताल या बड़ा तालाब भी कहते हैं। यह भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झील है। इस झील के आसपास कमला पार्क गार्डन में इन दिनों सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है।
वन विहार
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में विदेशी फूलों की प्रजातियों के अलावा ब्लैकबक, चीतल, सांभर, ब्लू बुल, साही और लकड़बग्घा जैसे वन्यजीव प्रकृति प्रेमियों को लुभा रहे हैं।
सांची स्तूप
भोपाल से कुछ ही किमी दूर सांची स्तूप में भी पर्यटकों की भीड़ है। यह देश के सबसे उल्लेखनीय बौद्ध स्मारकों में से एक है। यहां विशाल गुंबद में केंद्रीय तिजोरी है जहां भगवान बुद्ध के अवशेष रखे गए हैं।
भीम बेटका
राजधानी से करीब 45 किमी दक्षिण में स्थित, स्मारक भीमबेटका गुफाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। यह गुफाएं 30,000 साल से भी पुरानी हैं। यहां भी कलाप्रेमी पहुंच रहे हैं।
शौकत महल
इस्लामी वास्तुकला और स्थापत्य कला के नमूने देखने के शौकीन शौकत महल पहुंच रहे हैं। सिकंदर बेगम के शासनकाल में बनाई गई यह इमारत, पुनर्जागरण और गॉथिक शैलियों का एक अनूठा मिश्रण प्रदर्शित करती है।