
MP FPPAS Fuel Surcharge Monthly Revision (फोटो- Patrika.com)
Electricity Price Hike: बिजली कंपनी ने फ्यूल एंड पावर परचेस एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) के नाम पर बीते एक साल में बिजली 3.46 फीसदी महंगी कर दी। हर महीने इसमें बदलाव किया जा रहा है। यानी जो उपभोक्ता जिस बिजली के लिए एक साल पहले 100 रुपए का बिल भुगतान कर रहा था, उसे अब उतनी ही बिजली के लिए 103 रुपए से ज्यादा देने पड़ रहे हैं।
सरचार्ज बढ़ाने से पहले मप्र विद्युत नियामक आयोग की अनुमति की प्रक्रिया नहीं होती। टैरिफ दर में ही आयोग ने बढ़ोतरी की व्यवस्था की है। एमपीइआरसी सचिव उमाकांत पांडा के अनुसार समय-समय पर नियमों में, चार्ज में बदलाव होता है। (MP News)
बिजली कंपनियों ने 2026-27 के टैरिफ में 10.19% बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। आपत्ति-सुझाव दर्ज कराने की समय सीमा निकल चुकी है। भोपाल में आयोग के बिट्टन मार्केट स्थित कार्यालय में 26 फरवरी को सुनवाई होगी। पिछले करीब एक साल से आयोग में अध्यक्ष पद खाली है। इस बार बिना अध्यक्ष के सुनवाई होगी। अप्रैल में नई दरें लागू की जाएगी।
बिजली निर्माण में उपयोग होने वाले ईंधन की कीमत के आधार पर सरचार्ज तय किया जाता है। कोयला से लेकर पानी और अन्य की दरों में बदलाव से सरचार्ज तय होता है। इसे यूनिट राशि में जोड़कर वसूला जाता है।
फरवरी के फ्यूल सरचार्ज से मार्च में प्रति उपभोक्ता 1000 रुपए के बिल पर 16 रुपए बढ़ने की स्थिति है। भोपाल में इससे उपभोक्ताओं की जेब से तीन करोड़ रुपए की राशि अतिरिक्त निकलेगी। फरवरी से एफपीपीएएस 1.58 फीसदी तक बढ़ाया गया है।
दर वृद्धि पर आपत्ति में सवाल खड़े किए गए हैं। 2014-15 के खर्च को नए टैरिफ में जोड़ वसूली पर भी आपत्ति है। पुराने खर्च का भार अब उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। छत्तीसगढ़, गुजरात की दरों से मप्र की दरों की तुलना पर भी आपत्ति भी है। (MP News)
Updated on:
14 Feb 2026 03:13 am
Published on:
14 Feb 2026 03:09 am
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