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वो जगह, जहां पर आदिमानवों के इतिहास से लेकर पांडवों का भी इतिहास

यहां बनाये गए चित्र भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन के सबसे प्राचीनतम चिह्न हैं। यहाँ पर अन्य पुरातात्विक अवशेष भी मिले हैं

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भोपाल

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Nisha Rani

Feb 17, 2024

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मध्य प्रदेश अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य का धनी राज्य है। यहां ऐसे कई सुंदर, मनमोहक और अविश्वस्नीय स्थान हैं, जिन्हें देश ही नहीं दुनियाभर में प्रसिद्धी प्राप्त है। यहीं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका एक प्राचीन स्थल है, जो आदि मानव द्वारा बनाए गए शैलचित्रों और रॉक शेल्टर्स के लिए प्रसिद्ध है। कहते हैं कि भीमबेटका रॉक शेल्टर्स की चट्टानें 3,000 साल पुरानी हैं। यहां कुल 600 रॉक शेल्टर्स हैं, जिनमें से 275 रॉक शेल्टर्स चित्रों द्वारा सुसज्जित हैं। भीमबेटका क्षेत्र में प्रवेश करते ही आपको पत्थरों पर लिखी कई ऐसी जानकारियां मिलती हैं, जो बेहद ही रोचक हैं।

भीमबेटका का इतिहास और महत्व –
भीमबेटका का इतिहास बहुत पुराना है और सबसे पहले एक ब्रिटिश अधिकारी डब्लू किन्काइद ने सन 1888 के दौरान एक विद्वान के पत्र के माध्यम से भीमबेटका स्थान का वर्णन किया था। उन्होंने भोजपुर क्षेत्र के आदिवासियों से मिली जानकारी के आधार पर भीमबेटका नामक इस स्थल को एक बौद्ध स्थल के रूप में स्थान दिया। सबसे पहले इन गुफाओं की खोज करने वाले पहले पुरातात्विक वी.एस.वाकणकर थे। उन्होंने यहा की रॉक संरचनाओ को देखने के बाद एक टीम बनाकर इस क्षेत्र का दौरा किया। उन्हें ऐसा लगा की यह रॉक शेल्टर वैसी ही है, जैसी फ्रांस और स्पेन में देखी गयी थी। यहां करीब 500 गुफाएं हैं और इन गुफाओं की सबसे प्राचीन चित्रकारी को 12 हजार साल पुराना माना जाता है।

भीमबेटका नाम कैसे पड़ा
ऐसा माना जाता है कि यह जगह महाभारत के भीम से संबंधित है, इसीलिए इसका नाम भीमबैठका, जिसे बाद में भीमबेटका कहा जाने लगा। यहां की दीवारों पर बने हजारों साल पुरानी आर्टके आधार पर इसे इंसानों के विकास का शुरुआती दौर भी कहा जाता है।

भीमबेटका किस लिए प्रसिद्ध है
भीमबेटका की गुफ़ाएं आदि-मानव द्वारा बनाये गए चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बनाये गए चित्र भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन के सबसे प्राचीनतम चिह्न हैं। यहाँ पर अन्य पुरातात्विक अवशेष भी मिले हैं जिनमें प्राचीन किले की दीवार, शुंग-गुप्त कालीन अभिलेख, पुराने समय में बनाया गया भवन और परमार कालीन मंदिर के अवशेष शामिल हैं।

भीमबेटका कैसे पहुंचें
यदि आपने भीमबेटका जाने के लिए फ्लाइट का चुनाव किया है तो हम आपको बता दें भीमबेटका का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट, भोपाल का राजा भोज एयर पोर्ट है। जो भीमबेटका से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है। एयरपोर्ट से आप टैक्सी या स्थानीय साधन के माध्यम से आसानी से भीमबेटका पहुँच जाएंगे।

भीमबेटका ट्रेन से कैसे पहुंचें
भीमबेटका रॉक शेल्टर घूमने के लिए यदि आप ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं तो हबीबगंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन ले सकते है। यहां से भीमबेटका की दूरी लगभग 38 किलोमीटर है। यदि भोपाल जंक्शन से ट्रेन ते आपको भीमबेटका की दूरी लगभग 53 किलोमीटर है और आप अब्दुल्लागंज रेलवे स्टेशन से भी ले सकते है लेकिन यहां पर अधिकतर ट्रेनें नही रूकती हैं।

भीमबेटका रोड मार्ग से कैसे पहुंचे
यदि आप भीमबेटका जाने के लिए बस या अपने व्यक्तिगत साधन के माध्यम से जाना चाहते हैं तो आप रोड से बहुत आसानी से पहुँच सकते हैं। होशंगाबाद रोड से 3 किलोमीटर की दूरी पर भीमबेटका पर्यटक स्थल है।