सूचना पाकर वन अमले की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनके पास साजो-सामान नहीं था। बताया गया कि टीम बंदर को पकडऩे वाला जाल लेकर पहुंची थी। लेकिन, मगरमच्छ का आकार बड़ा था। ऐसे में टीम ने हाथ खड़े कर दिए। टीम प्रभारी पन्नालाल ने वन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पीके घई को कई बार फोन लगाया, लेकिन, उन्होंनेे कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। इस कारण टीम लगभग करीब दो घंटे तक मगरमच्छ को ताके डैम पर बैठी रही। देर रात मगरमच्छ नहीं पकड़ा जा सका।