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AIIMS Bhopal: डॉक्टर अब फोन पर ही बता देंगे मरीज को फॉलोअप इलाज

शुरूआत में छह प्रमुख स्पेशलिटी विभागों के लिए टेलीफोनिक कंसल्टेशन की सुविधा शुरू की जाएगी।

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भोपाल।एम्स भोपाल की ओर से मरीजों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत एक बार डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीज घर बैठे अपने इलाज का फालोअप डॉक्टर से पूछ सकेंगे। जिस पर डॉक्टर उन्हें एसएमएस के जरिए दवाएं भी बता देंगे। यह सुविधा 20 जनवरी से शुरू की जा रही है। शुरूआत में छह प्रमुख स्पेशलिटी विभागों के लिए टेलीफोनिक कंसल्टेशन की सुविधा शुरू की जाएगी।

इसमें मरीजों को कंसल्टेंट्स से सलाह लेने के लिए दिए गए टेलीफोन नंबर पर तय समय में फोन लगाना होगा। यह कॉल एम्स के टेलीमेडिसिन सेंटर से जुड़ी होगी। यहां मरीज से उसकी परेशानी व अन्य जानकारी ली जाएगी। डॉक्टर को मरीज की तकलीफ समझने या इलाज बताने में आसानी हो।

इसके लिए बातचीत रिकार्ड भी की जाएगी। इसके बाद यह कॉल ओपीडी में संबंधित कंसल्टेंट को ट्रांसफर की जाएगी। ओपीडी में दिखा चुके मरीज अपने पर्चे व जांच की कॉपी भी वाट्सएप या अन्य माध्यम से टेलीमेडिसिन सेंटर में भेज सकेंगे।

डॉक्टर पूरी रिपोर्ट देखने के बाद मरीज को सलाह देंगे। उन्हें बताया जाएगा कि कौन से दवा चालू रखना है, और कौन सी बंद करना है। दिखाने के लिए कब आना है। साथ ही जरूरत पर दवा भी बदल सकेंगे। दवाओं की जानकारी मरीज तक एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी।

भर्ती हो चुके मरीजों को फायदा:
इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा उन मरीजों को होगा जो अस्पताल में भर्ती रह चुके हैं। ऐसा इसलिए कि भर्ती होने वाले मरीजों का पूरा रिकार्ड अस्पताल के लोकल नेटवर्क पर रहता है। मरीज का ओपीडी रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही उसकी पूरी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगी।

इसके बाद डॉक्टर पूरी हिस्ट्री देखकर मरीजों को सलाह दे सकेंगे। इन मरीजों को भी एसएमएस पर दवा बताई जाएगी। टेलीफोनिक परामर्श का दिन और समय ऐसा रखा जाएगा, जिससे ओपीडी में अन्य मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी।

इन विभागों में शुरू होगी सुविधा :
पीडियाट्रिक्स, आर्थोपेडिक्स, गायनी, ईएनटी, जनरल मेडिसिन व जनरल सर्जरी विभाग के लिए।

ऐसे होगा फायदा
- मरीजों को अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।
- अस्पताल में मरीजों की भीड़ का दबाव कम होगा।

- अस्पताल में आने में मरीज देरी कर देते हैं, टेलीफोनिक फालोअप से वे तय तारीख्ा पर परामर्श ले सकेंगे।
- साधारण तकलीफ में ही मरीजों को सही सलाह मिल जाएगी, जिससे बीमारी ज्यादा नहीं बढ़ेगी।

इस नई योजना के संबंध में एम्स भोपाल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ.राजेश मलिक का कहना है कि कुछ विभागों के लिए यह सुविधा शुरू की जा रही है। मरीजों का रिस्पांस देखने बाद अन्य विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। इसी महीने से यह सुविधा शुरू होगी। इससे दूर-दराज के मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी।

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