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राज्यपाल ने बुल मदर फार्म में देखे गाय और सांड़… फिर लैब में देखी उन्नत नस्ल पैदा करने की तकनीक

- राजधानी में सेंट्रल सीमन स्टेशन और बुल मदर फॉर्म पहुंचे राज्यपाल मंगुभाई पटेल - आधुनिक लैबों में जारी कवायद देख राज्यपाल बोले- गो और भैंसवंशीय दुधारू पशुओं की उन्नत नस्ल के लिए हो रहे हैं उत्कृष्ट कार्य - राज्यपाल पटेल बुल मदर फार्म भी गए, वहां मशहूर देसी नस्लों गिर, साहीवाल, निमाड़ी और मालवी नस्ल की गायों को देखा
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भोपाल

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Shyam Singh Tomar

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Updated: 1 Jan 2023, 8:37 PM IST

राज्यपाल ने बुल मदर फार्म में देखे गाय और सांड़... फिर लैब में देखी उन्नत नस्ल पैदा करने की तकनीक

राज्यपाल ने बुल मदर फार्म में देखे गाय और सांड़... फिर लैब में देखी उन्नत नस्ल पैदा करने की तकनीक

भोपाल. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शनिवार को राजधानी के भदभदा क्षेत्र स्थित सेंट्रल सीमन स्टेशन और बुल मदर फॉर्म का निरीक्षण किया। वहां गो व भैंसवंशीय उन्नत नस्ल के लिए चल रहीं गतिविधियों को देखा। वे सुबह 11 बजे सबसे पहले सेंट्रल सीमन स्टेशन (केंद्रीय वीर्य संस्थान) परिसर में पहुंचे। वहां सेक्स शॉर्टेड सीमन लैब में उन्नत नस्ल की बछिया पैदावार के लिए जारी कार्यों को देखा। उसके बाद राज्यपाल पटेल ने फ्रोजन सीमन लैब यानी हिमीकृत वीर्य प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसके बाद सीमन स्टेशन के शेड क्रमांक 03 में 16 नस्लों को देखा। इस दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और मप्र राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. एचबीएस भदौरिया ने उन्हें विभिन्न तरह की जानकारी दीं।

बुल मदर फार्म में गायों को खिलाड़ा गुड़-चारा, इसके बाद मैत्री के युवाओं से मिले
इसके बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल पास ही स्थित बुल मदर फार्म पहुंचे। वहां मशहूर देसी नस्लों गिर, साहीवाल, निमाड़ी और मालवी समेत अन्य नस्ल की गायों को देखा। उन्हें गुड़ और चारा खिलाया। इसके बाद वे कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थान गए। वहां प्रदेश के तीन जिलों से आए मैत्री प्रशिक्षणार्थियों से मिले और उनसे चर्चा की।

रुद्राक्ष का पौधा रोपकर वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को देखा
राज्यपाल पटेल ने बुलर मदर फार्म में भारत सरकार की गाइडलाइन के आधार पर बनाए गए पशु परिवहन वाहन को देखा। वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत पशुओं के शेडों से एकत्रित गोमूत्र को खेतों तक खाद के रूप में पहुंचाने की प्रक्रिया को देखा। कैसे इस खाद से खेती में मदद मिल रही उसे समझा। इसके बाद 200 घन मीटर के बायोगैस संयंत्र और उससे बिजली उत्पादन की प्रक्रिया को देखा। बायोगैस प्लांट की स्लरी से बनने वाले प्रॉम (फॉस्फोरस रिच ऑर्गेनिक मेन्योर) को भी देखा। राज्यपाल पटेल के साथ आला अधिकारियों ने परिसर में रुद्राक्ष के पौधों का रोपण किया।

भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक लैब में समझी इसकी प्रक्रिया
राज्यपाल पटेल ने भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोगशाला (ईटीटी) और आईवीएफ लैब देखी। इनमें डोनर गायों और तकनीक की मदद से पैदा हुए उन्नत वत्सों को देखा। एक घण्टे के पूर्व निर्धारित शेड्यूल की जगह राज्यपाल दो घण्टे तक रहे। राज्यपाल ने इस अवसर पर हो रहे लैबों और फार्म में हो रहेउन्नत नस्ल के कार्यों को उत्कृष्ट बताया। इस अवसर पर मप्र दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक तरुण राठी, केरवा क्षेत्र के मेंडोरा ग्राम के जनप्रतिनिधि, फार्म मैनेजर समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।