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नगर निगम को रूट चार्ट बताएगा, कितना डीजल जरूरी

नगर निगम में जारी डीजल की बंदरबांट उजागर होने के बाद अब निगम प्रशासन ने इस पर अंकुश लगाने के लिए अलग-अलग मोर्चों पर तैयारी शुरू की है...

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भोपाल

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Vivek Rajput

Aug 31, 2017

bhopal municipal corporation, bmc diesel fraud, Bmc action on employees who gave fraud, corruption in bmc

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भोपाल। नगर निगम में जारी डीजल की बंदरबांट उजागर होने के बाद अब निगम प्रशासन ने इस पर अंकुश लगाने के लिए अलग-अलग मोर्चों पर तैयारी शुरू की है। इसी कड़ी में अब वाहनों के लिए डीजल का कोटा तय किया जा रहा है। इसके लिए वाहनों का रूट चार्ट बनाया जा रहा है। इसके आधार पर ही अब तमाम वाहनों को प्रतिदिन के लिए डीजल दिया जाएगा कि कौन सा वाहन दिनभर में कितने किलो मीटर चलता है। इसका एवरेज कितना है।

निगम आयुक्त छवि भारद्वाज ने फील्ड में दौडऩे वाले निगम के तमाम वाहनों का रूट चार्ट मांगा है। खासकर पानी के टेंकर और कचरा उठाने वाले वाहनों से उनके कार्यक्षेत्र का विस्तृत रूट मांगा गया है। उक्त रूट के हिसाब से यह हिसाब लगाया जाएगा कि कौन सा वाहन दिनभर में कितने किलो मीटर चलता है। इसका एवरेज कितना है। आकलन के आधार पर गाड़ी के लिए प्रतिदिन का डीजल का कोटा तय होगा।

ऐसे समझें निगम के वाहनों का गणित

* कोलार हाइडेंट की गाडि़यां पहुंचती है वल्लभ भवन हाइडेंट
* कोलार हाइडेंट से ललिता नगर की दूरी करीब छह किलो मीटर (आना-जाना)
* वल्लभ भवन हाइडेंट से ललिता नगर की दूरी करीब 20 किलो मीटर (आना-जाना)
* एक दस पहिया गाड़ी का एवरेज दो किलो मीटर प्रति लीटर
* एक चक्कर में सात लीटर डीजल की फिजूल खर्ची
* एक चक्कर में करीब ४५० रुपए का डीजल फिजूल में जलता है

डीजल की खपत
18 हजार ली. प्रतिदिन खपत छापे से पहले
15 हजार ली. प्रतिदिन खपत छापे के बाद
12 हजार ली. प्रतिदिन खपत पिछले हफ्ते में

* तमाम गाडि़यों के रूट चार्ट मांगे गए हैं, इसके आधार पर इनके लिए डीजल का कोटा तय किया जाएगा। अभी कहीं की भी गाडि़यां कहीं भी आती-जाती हैं। रूट चार्ट लागू होने के बाद एेसा नहीं होगा। तब गाडि़यों पर नजर रखना भी आसान होगा।
- प्रेमशंकर शुक्ला, डीजल टैंक प्रभारी, नगर निगम