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निजी एजेंसी से काम कराने की कोशिश नाकाम

संपत्तिकर के नए खाते खोलने व वसूली के लिए निजी एजेंसी को काम देने की कोशिश नाकाम हो गई है। नगर निगम को अब अपने मौजूदा कर्मचारी सेटअप और दी गई जिम्मेदारियों पर गौर करना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है, इसमें सुधार कर लिया जाए तो आउटसोर्सिंग से काम नहीं कराना होगा।

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Nagar Nigam

भोपाल. संपत्तिकर के नए खाते खोलने व वसूली के लिए निजी एजेंसी को काम देने की कोशिश नाकाम हो गई है। नगर निगम को अब अपने मौजूदा कर्मचारी सेटअप और दी गई जिम्मेदारियों पर गौर करना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है, इसमें सुधार कर लिया जाए तो आउटसोर्सिंग से काम नहीं कराना होगा।

2200 कर्मचारी अन्य शाखाओं में लगे हुए

- नगर निगम के पास करीब 9 हजार कर्मचारियों में से 2200 कर्मचारी अपने मूल शाखा या विभाग से हटकर अन्य में काम कर रहे हैं। 800 कर्मचारी तो सिर्फ राजस्व शाखा से ही है, जिन्हें स्वास्थ्य,उद्यान व जलापूर्ति में लगाया हुआ है। 21 जोन अधिकारियों में आठ राजस्व से जुड़े नहीं है। 21 एएचओ में से 7 अन्य शाखाओं से हैं। सब में ऐसी ही स्थिति।

ये है राजस्व का सेटअप, इससे ही बढ़ेगा राजस्व- राजस्व में सबसे पहले एआरआइ, उपनिरीक्षक, निरीक्षक, चीफ निरीक्षक, सहायक राजस्व अधिकारी फिर राजस्व अधिकारी आता है। नगर निगम में राजस्व अधिकारी की चार पोस्ट हैं और चारों खाली है। सहायक राजस्व अधिकारी की आठ पोस्ट हैं और ये भी सभी खाली हैं। मुख्य राजस्व निरीक्षक की 22 पोस्ट खाली है। निरीक्षक की 22 पोस्ट में से 19 खाली हैं।

ऐसी हो व्यवस्था तो सुधरे निगम की सेहत

- सहायक आयुक्त के पद के स्तर का जोन प्रभारी हो- राजस्व अधिकारी उपायुक्त के बराबर है

- एआरआइ व एएसआइ 2000 खातों पर एक होना चाहिए- यदि किसी जोन में 30 हजार खाते हैं 15 एआरआइ व 15 एएसआइ होना चाहिए

एक्सपर्ट कोट्स

नगर निगम में कर्मचारियों को सेवा भर्ती नियम है और इसके तहत की पदक्रम व जिम्मेदारियां तय होना चाहिए। योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलती है तो लोगों को लाभ पहुंचता है। निजी एजेंसी से कुछ नहीं होगा।- आरके तिवारी, एक्सपर्ट नगर निगम प्रशासन