23 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विक्रम विवि पढ़ाएगा पुलिस विज्ञान कोर्स, 12वीं के बाद प्रवेश

देश का पहला विश्वविद्यालय जहां एफआइआर से लेकर अपराधी का मनोविज्ञान पढ़ सकेंगे

2 min read
Google source verification
विक्रम विवि पढ़ाएगा पुलिस विज्ञान कोर्स, 12वीं के बाद प्रवेश

विक्रम विवि पढ़ाएगा पुलिस विज्ञान कोर्स, 12वीं के बाद प्रवेश

उज्जैन अब 12वीं के बाद पुलिस विज्ञान पढ़ाएगा। तकरीबन आठ महीने में देशभर के आइएएस और आइपीएस अफसरों व कानूनी जानकारों के सुझावों के बाद तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम की कक्षाएं सितंबर महीने से शुरू होंगी। बीए, कॉमर्स से जुड़े रहने वाले इस पाठ्यक्रम में छात्रों को एफआइआर से आगे की केस स्टडी बताई जाएगी। अपराध की लिखा-पढ़ी के साथ ही अपराधी का मनोविज्ञान के बारे में भी बताया जाएगा। यहां छात्र थाना प्रबंधन के गुर भी सीख सकेंगे। मालूम हो कि इस तरह का पाठ्यक्रम किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं है। विक्रम विश्विद्यालय इसकी शुरुआत करेगा।

सहायक प्राध्यापक ने तैयार किया कोर्स
इस विशेष कोर्स को विक्रम विवि की सहायक प्राध्यापक लोक प्रशासन डॉ. मेघा पांडेय ने तैयार किया है। उन्हें इसमें आठ महीने का समय लगा। इस कोर्स से देशभर के छात्रों को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में रोजगार मिलने में आसानी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि इस कोर्स को करने के बाद पुलिस भर्ती के दौरान छात्रों को कुछ रियायत भी मिले। इसके लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा। यह कोर्स एक तरह से पुलिस की प्री-ट्रेनिंग की तरह होगा।

तीन साल का ऑनर्स कोर्स रहेगा
अगस्त से इस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी और सितंबर से कक्षाएं लगेंगी। सहायक प्राध्यापक मेघा पांडेय के मुताबिक यह कोर्स तीन साल का है। चौथे साल शोध के साथ स्टडी होगी। इसके बाद छात्र चाहे तो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे। पुलिस विज्ञान कोर्स में अपराध शास्त्र, भारतीय कानून संहिता, पुलिस थाना प्रबंधन, अपराध मनोविज्ञान, सामुदायिक पुलिसिंग, निजी सुरक्षा एजेंसी प्रबंधन व फॉरेंसिक विज्ञान आदि शामिल हैं।

12वीं के बाद मिल सकेगा प्रवेश
&पुलिस विज्ञान पाठ्यक्रम पुलिस भर्ती के लिए प्री-ट्रेनिंग जैसा होगा। सितंबर से इसकी कक्षाएं शुरू होंगी। विक्रम विवि 12वीं के बाद पुलिस विज्ञान पाठ्यक्रम संचालित करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है। प्रयास है कि छात्रों को पुलिस भर्ती में रियायत मिल सके।
प्रो. अखिलेश कुमार पांडेय, कुलपति, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन