सीमा कहतीं हैं कि पिता के अचानक देहांत के बाद मेरी जिंदगी में बदलाव आया। इसके पहले में अपने कॉलेज में बॉस्केटबॉल खेलना और पेंटिंग करना पसंद करती थी। फोटोग्राफी के शौक को पूरा करने अक्सर पहाडिय़ों पर जाती लेकिन पिता का साया सर से उठने के बाद यह सारे शौक खत्म से हो गए। एक दिन अखबार में सब इंस्पेक्टर पुलिस फोटोग्राफर पद के लिए विज्ञापन निकला। रिर्टन टेस्ट और प्रैक्टिकल क्वालिफाई करने के बाद बारी इंटरव्यू की थी। जहां अधिकारियों ने मुझे काफी डराया। मुझसे कहा गया कि ये महिलाओं का काम नहीं, रात-बेरात लाशों की फोटो खींचनी होगी। लेकिन मैं डरी नहीं और उनकी हर चुनौती को स्वीकार कर इंटरव्यू पास कर लिया।