
BJP office bhopal
भोपाल। भाजपा के केंद्रीय नेतत्व ने मध्यप्रदेश से यह जमीनी रिपोर्ट मांगी है कि क्या विधानसभा के साथ ही लोकसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं। प्रदेश में इसी साल नवम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हम अब तक सिर्फ विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन अब नए सिरे से कवायद शुरू करना पड़ रही है। भाजपा लंबे समय से इस बात पर फोकस कर रही है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं।
चुनाव आयोग भी इस तरह के संकेत दे चुका है, लेकिन कई राज्यों में विधानसभाओं का कार्यकाल लोकसभा से अलग होने के कारण कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर एकसाथ चुनाव होते हैं तो 13 राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ कराए जा सकते हैं। नवंबर में मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम में चुनाव होना है। उधर 2019 में अन्य राज्यों के चुनाव होंगे। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के केंद्रीय संगठन ने प्रदेश भाजपा से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय नेतृत्व जानना चाहता है कि एकसाथ चुनाव कराए जाने पर मध्यप्रदेश में क्या असर रहेगा। साथ ही प्रदेश स्तर पर पार्टी की विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर क्या तैयारी है।
भाजपा ने प्रदेश कार्यालय में नवंबर से एक चुनाव मैनेजमेंट सेल बनाई है। इसमें तीन मंत्रियों और प्रदेश संगठन के तीन पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। इस सेल को प्रतिदिन काम के साथ ही प्रति सोमवार को बैठक करना है। सूत्रों के मुताबिक यह सेल फिलहाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए काम कर रही है। इस बीच दो विधानसभा उपचुनाव आने से चुनाव प्रबंधन सेल के सदस्य वहां की चुनावी रणनीति में लग गए हैं। ऐसे में सेल को नए सिरे से लोकसभा के लिए फीडबैक तैयार करना होगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा, पार्टी दोनों चुनाव एक साथ कराने के लिए तैयार है। भाजपा का संगठन एक दिन चुनाव की तैयारी नहीं करता, हमारी पूरे पांच साल संगठन की तैयारी चलती है। चुनाव आयोग यह निर्णय लेता है तो हम इसका स्वागत करेंगे।
Published on:
13 Feb 2018 08:06 am
