
कर्जमाफी
भोपाल। 17 दिसंबर से शुरू होने जा रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गई है। भाजपा की रणनीति है कि महज पांच बैठकों वाले इस सत्र में सरकार को इस तरह चक्रव्यूह में फंसाया जाए कि वो आसानी से सरकारी कामकाज न कर सके। भाजपा सदन की कार्यवाही का ज्यादा से ज्यादा समय किसानों के मुद्दों पर बिताना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने पार्टी के सभी विधायकों से कहा है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में कर्जमाफी और बाढ़-बारिश से हुई तबाही के आंकड़े जुटाएं। इन दोनों मुद्दों से जुड़े प्रश्न ज्यादा से ज्यादा पूछे जाएं। इसके साथ ही ध्यानाकर्षण, याचिका भी ज्यादा से ज्यादा किसानों की समस्याओं से जुड़ी ही लगाई जाएं। पार्टी किसानों के मामले में स्थगन और नियम 139 के तहत भी चर्चा के लिए दबाव बनाने की तैयारी कर रही है।
पिछले दिनों भार्गव और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के बीच हुई मंत्रणा में तय किया गया कि सत्र छोटा होने के कारण बहुत से मुद्दे उठाना ठीक नहीं रहेगा। ज्यादा मुद्दे सामने लाने पर सरकार किसी कमजोर विषय पर चर्चा कराकर समय निकालना चाहेगी। इसलिए सभी विधायकों को पहले ही बता दिया जाए कि वे अपना फोकस किसानों पर ज्यादा रखे।
Published on:
28 Nov 2019 07:34 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
