अमेरिकी शोध में खुलासा: बीमारी नहीं विटामिन की कमी है कैंसर, इसे खाये तो कभी नहीं होगा
भोपाल। देश में कैंसर से मौतों के मामले में टॉप 5 में मध्यप्रदेश का नाम शामिल हो गया है। ये आंकड़ा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन 84 मौत के साथ हर दिन 191 नए मरीज कैंसर के सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी कैंसर सहित अन्य रोगों की रोकथाम के लिए जारी की जाने वाली केंद्र से मिली राशि का पूरा इस्तेमाल मध्यप्रदेश सरकार नहीं कर पा रही है। पिछले तीन साल में कैंसर, मधुमेह, दिल संबंधी बीमारियों के लिए 48 करोड़ 37 लाख रुपए केंद्र सरकार ने दिए, लेकिन प्रदेश सरकार इनमें से सिर्फ दस करोड़ 80 लाख रुपए ही खर्च कर पाई है।
कैंसर ने आज एक इतना बड़ा स्वरूप ले लिया है कि मध्यम परिवार के लिए इसका इलाज कराना भी मुश्किल हो गया है। न जाने कितने लोग इसका इलाज न करा पाने के कारण अपना दम जल्दी तोड़ देते है क्योंकि इसके इलाज के लिए जो पैसे दिए जाते है वो एक गरीब आदमी की पहुंच से बाहर है। हालही में एक ऐसा खुलासा भी हुआ है जिसमें इस बात की जानकारी मिली है कि कैंसर की बीमारी के चलते करोड़ो का बिज़नेस किया जा रहा है जबकि यह केवल एक विटामिन की कमी है जो कैंसर के रूप में लोगो के सामने आती है। इस बात की जानकारी के लिए एक किताब भी आई है जिसमे राइटर ने खुलासा कर बताया की कैंसर, विटामिन की कमी होने के कारण होता है।
इस किताब में दी गई है जानकारी
अमेरिकी किताब ‘वर्ल्ड विदाउट कैंसर’ में इस बात की जानकारी दी गई है कि कैंसर, विटामिन की कमी होने के कारण होता है। ये किताब एडवर्ड ग्रिफिन ने लिखी है जो एक मशहूर राइटर थे। बता दें कि उन्होंने बायोटेक से संबंधी काफी ज्यादा रिसर्च करके ज्ञान हासिल किया था और वो फिल्में भी बनाया करते थे, उन्होंने अपनी किताब में जिक्र किया था कि कैंसर नाम की तो कोई बीमारी इस दुनिया में बनी ही नहीं है।
होती है विटामिन की कमी
इस किताब के मुताबिक कैंसर के नाम पर सिर्फ बिजनेस किया जा रहा है जबकि ये सिर्फ एक विटामिन की कमी है। ये विटामिन B17 है। अगर आपके शरीर में इस विटामिन की कमी को पूरा कर दिया जाए तो आपको कैंसर की बीमारी ही नहीं होगी। बता दें कि विटामिन B17 एक माइक्रोन्यूट्रीएन्ट है जो हमारे शरीर में पोषण के तौर पर जरुरी भी है, विटामिन B17 का सबसे बड़ा स्त्रोत ओट्स, स्ट्राबेरी, काजू, बाजरा और ब्राउन राइस है जिनका सेवन आपको इस इसकी भरपूर मात्रा देगा और जैसा कि ये रिसर्चर और लेखक कहते है इनके सेवन के बाद आपको कैंसर नही हो सकता है और इस बात को लेकर के वो बेहद ही निश्चित नजर आये हालांकि उनकी बात को अब तक कोई भी प्रमाणिकता नही दे पाया है।
लाइफस्टाइल ने बढ़ाई बीमारी
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि प्रदेश में लाइफस्टाइल के चलते कैंसर होने के मामले ज्यादा हैं। पुरुषों में जहां तंबाकू मुंह और लंग्स के कैंसर की सबसे बड़ी वजह है, तो महिलाओं में इंफेक्शन के चलते सरवाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आ रहे है। जागरुकता से कैंसर के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है। जितना ज्यादा इसे लेकर लोगों को एजुकेट किया जाएगा उतना फायदा होगा। वहीं कुल मरीजों में से आधों की मौत होने की वजह लोग उस स्थिति में डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जहां कैंसर लास्ट स्टेज तक पहुंच चुका होता है।
ये हैं कैंसर के लक्षण
कैंसर के लक्षण अलग-अलग होते हैं, कई मामलों में तो कोई लक्षण ही नहीं दिखाई देते लेकिन फिर भी मानव शरीर आमतौर पर कुछ चेतावनियां देता है, जिनको जानना काफी जरूरी है।
अचानक वजन घटना
अगर आपका वजन बिना डाइटिंग और एक्सरसाइज को अचानक से घट रहा है तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है। इसको नजरअंदाज बिल्कुल न करें और पूरा ध्यान दें।
शरीर में दर्द
आमतौर पर दर्द के कई सारे कारण होते हैं लेकिन हर तरह का दर्द कैंसर की निशानी नहीं होता। अगर शरीर में दर्द लगातार बना हुआ है तो कैंसर यह कैंसर का संकेत भी हो सकता है। अगर आपका दर्द 4 सप्ताह से अधिक समय तक बरकरार है तो इसके हलके में न लें। तुरंत डॉक्टर के पास जाकर सलाह लें।
वायरल बुखार
मौसम में परिवर्तन होने से वायरल बुखार होना आम बात है लेकिन बुखार लंबे समय तक रहता है तो किसी अच्छे डॉक्टर से परार्मश जरूर लें क्योंकि लगातार अधिक समय तक बुखार रक्त कैंसर का संकेत हो सकता है।
थकान
ज्यादा मात्रा में काम करने से थकावट होना तो साधारण बात है लेकिन शरीर को पर्याप्त आराम मिलने के बाद भी थकान महसूस हो रही है तो यह कैंसर का लक्षण है। ऐसे में आपको पूरी तरह से जांच करवानी चाहिए क्योंकि इससे कैंसर आपके शरीर में विकसित हो सकता है।
त्वचा संबंधी समस्याएं
हार्मोनल असंतुलन के संकेत अक्सर हमारे चेहरे पर दिखाई देते है लेकिन त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते और बालों में ग्रोथ नहीं बढ़ रही तो यह स्किन कैंसर, फेफड़े या गुर्दे के कैंसर के संकेत हो सकते है।
कफ या पेशाब में ब्लड
अगर खांसते समय या यूरिन के समय ब्लड आ रहा है तो यह गंभीर चिंता होमामला हो सकता है। यूरिन में ब्लड आने के कई कारण हो सकते है लेकिन यह अनियंत्रित नहीं होना चाहिए। अगर यूरिन में ब्लड आ रहा है तो यह बवासीर हो सकता है। इसके अलावा यह कैंसर को संकेत भी हो सकता है। इसलिए डॉक्टर से जांच करवा लें।
जलन या अपच
कई बार खाना पचाने में दिक्कत होती है लेकिन आप इन लक्षणों को अक्सर अनुभव करते हैं या पेट में जलन या अपच का ज्यादा सामना करना पड़ता है तो एक बार डॉक्टर से जांच करवा लें।