
सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा पैटर्न में बदलाव कर दिया है। परीक्षा में विश्लेषणात्मक प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है। अब पास होने के लिए स्टूडेंट्स को अधिक मेहनत करनी होगी। स्टूडेंट्स को प्रश्न-उत्तर को रटने की बजाए समझना होगा। एक्सपर्ट के अनुसार इस नए पैटर्न में शिक्षकों को भी पढ़ाने के तरीकों को बदलना होगा। विषय के डीप अध्ययन के लिए उन्हें टेक्स्ट बुक के अलावा अन्य संसाधनों की भी मदद लेना होगी।
ये होगा बदलाव
छात्रों में तार्किक शक्ति बढ़ाने के लिए इस साल परीक्षा में विश्लेषणात्मक प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्टडी पर आधारित सवाल या अन्य सवालों का वेटेज 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया है। वहीं, पारंपरिक पैटर्न वाले लघु व दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का वेटेज 40 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसी सत्र से व्यवस्था
सीबीएसई स्कूलों में यह व्यवस्था इसी सत्र से लागू होगी। भोपाल रीजन में 1451 के करीब सीबीएसई स्कूल हैं। करीब ड़ेढ लाख स्टूडेंट्स हैं। वहीं भोपाल में लगभग 80 स्कूल हैं। 10वीं-12वीं के 12 हजार है।
एक्सपर्ट व्यू
सीबीएसई ने 10वीं- 12वीं की परीक्षा के लिए जो पैटर्न तैयार है, उसके बाद स्टूडेंट्स को रटने की आदत छोड़कर डीप अध्ययन की जरूरत होगी, साथ ही शिक्षकों को भी छात्रछा त्राओं को पढ़ाने में मेहनत करनी होगी। शिक्ष्कों को विषय को समझाने के लिए टेक्स्ट बुक के अलावा अन्य संसाधनों का सपोर्ट जरूरी होगा। इसका सबसे बढ़ा फायदा होगा कि स्कूल स्तर पर ही स्टूडेंट्स को विषय का डीप नॉलेज होगा।
Updated on:
18 Apr 2024 11:15 am
Published on:
06 Apr 2024 06:32 pm
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