
भोपाल। अब मध्यभारत प्रांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS और उसके आनुषांगिक संगठनों के आयोजन-गतिविधियों का केंद्र हो गया है। साल के शुरुआती छह महीनों की बात करें तो राष्ट्रीय स्तर की छह बड़ी बैठकें, वर्ग और मंथन-चिंतन शिविर मध्यभारत के प्रमुख शहरों भोपाल, ग्वालियर और नर्मदापुरम में हो चुके हैं। संघ मुख्यालय नागपुर और दिल्ली के बाद सबसे अधिक गतिविधियां अब मध्यभारत प्रांत में ही हो रही हैं।
ये हैं बड़े कारण-
1. अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य मनमोहन वैद्य समेत कई शीर्ष पदाधिकारियों का केंद्र मध्यभारत का भोपाल रहा है।
2. मध्यभारत प्रांत के पदाधिकारी और स्वयंसेवक आयोजन सफल बनाने के लिए सक्रिय रहते हैं।
3. सत्ता-संगठन के पदाधिकारियों की ओर से समर्थन मिलता है।
4. मध्यभारत प्रांत सुरक्षित और पहुंच की दृष्टि से सुविधाजनक राज्यों की श्रेणी में आता है।
शिक्षार्थियों का पथ संचलन: संघ की प्रेरणा से दुनिया के कई देशों में सेवा कार्य करने वाले विश्व संघ शिक्षा वर्ग के शिक्षार्थियों का राजधानी में 21 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग चल रहा है। इन्होंने शुक्रवार को पथ संचलन निकाला जो शौर्य स्मारक से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होता हुआ एमपी नगर स्थित गायत्री मंदिर तक पहुंचा। मार्ग में अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा कर समाज के विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया। विश्वमंगल प्रार्थना के साथ संचलन का समापन हुआ।
मध्यभारत प्रांत में अब तक हुए आयोजन-
1. चित्र भारती ने फरवरी में अखिल भारतीय स्तर का फिल्मोत्सव आयोजित किया। संघ और अन्य सहयोगी संगठनों के केंद्रीय, क्षेत्रीय पदाधिकारी शामिल हुए।
2. अप्रेल में प्रज्ञा प्रवाह की दो दिवसीय बैठक हो चुकी हैं। देशभर से शिक्षाविद्, काननूविद्, विचारक और विषय-विशेषज्ञ जुटे थे।
3. आरोग्य भारती ने पैथियों की समानता को लेकर एक बड़ा कार्यक्रम भोपाल में किया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए थे।
4. वर्तमान में भोपाल में दो बढ़े शिविर चल रहे हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों में रहकर कार्य करने वाले महिला और पुरुष कार्यकर्ता और स्वयंसेवक जुटे हैं।
5. राजधानी में 1 से 7 अगस्त के बीच विहिप का प्रांत संगठन मंत्री प्रशिक्षण वर्ग होना है। 41 प्रांतों के 80 पदाधिकारी शामिल होंगे। पहले तीन दिन संघ प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत की उपस्थिति रहेगी।
Published on:
30 Jul 2022 03:11 pm

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