
electoral commission campaign. लोकसभा निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों की पाठशाला शुरू हुई। इसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नाम दिया गया। इसमें उपजिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी सहित चुनाव कार्य से जुड़े अन्य अफसर शामिल हुए। कार्यक्रम पांच दिन चलेगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने अधिकारियों को संबोधित किया। राजन ने कहा कि निर्वाचन के कार्य को सभी अधिकारी गंभीरता से लें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
लोकसभा निर्वाचन 2024 के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे जाने वाले सभी दिशानिर्देशों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो और एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही मतदान केंद्र पर हो सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करें। यदि किसी मतदान केंद्र पर 1500 से अधिक मतदाताओं की संख्या है, तो सहायक मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजें।
उन्होंने सभी अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बैठक व्यवस्था, बिजली, शौचालय, पीने का पीने और रैंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के तहत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने यह भी कहा कि कोई भी प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए। नाम जोडऩे, हाटने और संशोधन के लिए प्राप्त हुए आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण करने और मतदाता सूची से दोहरी प्रवृष्टि, समान फोटो वाले मतदाताओं की जांच करने के निर्देश दिए।
राजन ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई मतदान केंद्र हैं, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत कम था। ऐसे क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाताओं को जागरूक करें। स्वीप गतिविधियों में तेजी लाएं। वल्नरेबिलिटी मैपिंग की कार्यवाही भी पूर्ण करें।
कुछ जिलों में जेंडर रेशियो के अनुपात में पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या कम है, वहां महिला मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोडऩे के लिए अभियान चलाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा, ऊषा सहित महिला अधिकारियों- कर्मचारियों की मदद लें। जिनका नाम छूट गया है या जिनकी उम्र एक जनवरी 2024 को 18 वर्ष से अधिक हो गई है वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।
Updated on:
27 Feb 2024 09:17 am
Published on:
27 Feb 2024 08:28 am
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