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सात दिन में नही सुधरी स्थिति, तो राजधानी से हटा दिए जाएंगे कलेक्टर-एसपी

मुख्यमंत्री की कलेक्टर-एसपी को सख्त हिदायत...

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भोपाल. प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर बेहद सख्त दिखे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी-डीआईजी, एसपी, प्रमुख सचिव और अन्य अफसरों से तल्ख लहजे में कहा, गुंडों की कमर तोड़ दो।

आप लोग मानवाधिकार आयोग के डर से कार्रवाई नहीं करते हैं। अपराधियों का कोई मानवाधिकार नहीं होता। आप कार्रवाई करो, मानवाधिकार का जवाब मैं दूंगा। आखिर मेरे नाराज होने के बाद ही पुलिस एक्शन में क्यों आती है। अब मुझे सिर्फ एक्शन, एक्शन और एक्शन चाहिए।

सात दिन का समय देता हूं। फील्ड में स्थिति सुधारें। सुधार नहीं आया तो हटा दूंगा। राज्य मंत्रालय में कानून व्यवस्था के साथ ही भावांतर भुगतान और मजदूर पंजीयन को लेकर कॉन्फ्रेंसिंग हुई।

जुलानिया बोले- सर, सात दिन में नहीं हो सकता
सीएम ने श्रम विभाग के तहत असंगठित मजदूरों का सौ फीसदी पंजीयन सात दिन में करने के लिए कहा। पहले यह पंजीयन एक अप्रैल से 15 मई के बीच होना था। इस पर अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया बोले- सर, यह सात दिन में नहीं हो सकता।

इस पर सीएम ने कहा- नहीं, अब काम जल्दी ही करना होगा। बड़े जिलों में 10 से 14 दिन के भीतर करो। छोटे जिलों में तो सात दिन में ही करना होगा। कोयला खदानों के मजदूरों के पंजीयन को लेकर कलेक्टर ने दिक्कत जताई तो सीएम ने कहा कि ध्यान देकर पूरा कराइए।

अपराधियों के मकान-दुकान तोड़ दो
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा, गुंडों पर भोपाल और इंदौर में अपराधियों के मकान-दुकान तोडऩे की जो कार्रवाई हुई है, वैसी कार्रवाई पूरे प्रदेश में होना चाहिए। बैतूल, जबलपुर, रीवा और गुना में जो घटनाएं हुईं, वे ठीक नहीं हैं। जनता और पुलिस के बीच भरोसा दिखना चाहिए।

अपराधियों पर कार्रवाई में किसी निर्देश का इंतजार न करें। गल्र्स होस्टल, गल्र्स कॉलेज सहित एेसी जगहें, जहां लड़कियां अधिक होती हैं, वहां पुलिस सक्रिय दिखना चाहिए। उन्होंने कहा, रामनवमी का जुलूस भी निकलने वाला है, इसलिए साम्प्रदायिक सद्भाव पर भी ध्यान दिया जाए।

राजौरा को फटकार
सीएम ने भावांतर भुगतान योजना के मामले में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा को फटकार लगाई। सीएम ने कहा, भावांतर योजना में पंजीयन की व्यवस्था सेंट्रलाइज क्यों की। उन्होंने पीएस से कहा, इसे तत्काल प्रभाव से डिसेंट्रलाइज करिए।

अपने मन से इसमें नए-नए प्रयोग न करें। अब कोई नई योजना न बनाएं। बल्कि भावांतर पर ही ध्यान दें। सीएम ने हिदायत दी कि किसानों को समय पर भुगतान करें। अब भावांतर में कोई शिकायत आई तो कलेक्टर की कुर्सी छीन ली जाएगी। कमिश्नर भी जवाबदेह होंगे। एेसे अफसर फील्ड से हटाए जाएंगे।

जहां से गुजरता हूं, वहीं होर्डिंग दिखता है
सीएम ने कहा, पंचायतों पर योजनाओं के होर्डिंग और बोर्ड लगना चाहिए। अभी जहां से गुजरता हूं, केवल वहीं होर्डिंग लगा दिए जाते हैं। इस पर एक प्रमुख सचिव बोले- यह तो मानव स्वभाव है। इस पर सीएम हंस दिए।