
Artificial Intelligence
Artificial Intelligence: दादी-नानी की कहानियां अब पुरानी बात हो गई है। न तो बच्चों को ऐसा माहौल मिल रहा और न परिवार पहले जैसे रह गए। यानी संयुक्त परिवार कम होते जा रहे हैं। ऐसे में तकनीक की मदद से बच्चे ये कहानियां फिर सुन सकेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने ई-पिटारा नाम से शिक्षण सामग्री तैयार की है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए शिक्षा केंद्र ने जिलों को निर्देश दिए हैं। बच्चों और शिक्षकों की मदद के लिए ऐप में 26 कहानियां संग्रहित की हैं। इसमें बच्चे लोरियां भी सुन सकते हैं।
व्यक्तित्व विकास में सहायक
इस पिटारे में जो कहानियां और शिक्षण सामग्री शामिल की जा रही है, वह बच्चों के व्यक्तित्व विकास को बढ़ाने में मददगार साबित होगी। अधिकारियों ने बताया कि संवाद कौशल से लेकर स्थानीय भाषाओं के ज्ञान और खेल-खेल में सीख जैसी कई बातें इसमें शामिल की जा रही है। यह पढ़ाई का तरीका भी बदल सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सुनाएगा कहानियां
आर्टिफिशियल इंटेलीलेंस से पिटारे का विस्तार किया जाएगा। कहानियों और पाठ्य सामग्री की संख्या बढ़ाई जाएगी। अभी यह तीन हिस्सों में है।
1- कथा सखी है, जो दोस्त की तरह कहानी सुनाने के लिए है।
2- शिक्षक तारा नाम दिया गया है। यह शिक्षकों का मार्गदर्शन और पढ़ाई के तरीके बताएगी।
3- अभिभावकों के मार्गदर्शन के लिए अभिभावक तारा है। जल्द ही इस पिटारे में हजारों ऐसी कहानियों का संग्रह होगा, जो सीख देंगी।
Published on:
10 Mar 2024 08:58 am
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