
शहर में चलित खाद्य प्रयोगशाला ने जांच अभियान के पहले शहर में नागरिकों की ओर से मुहैया कराए गए 30 सैंपलों की जांच की। जांच के दौरान केवल एक सैंपल काली मिर्च के पाउडर के तौर पर अमानक पाया गया। खाद्य विभाग की टीम ने सुबह 11 बजे बैरागढ़ से कार्रवाई की शुरूआत की। करीब दो घंटे तक बस स्टेंड के पास खड़े प्रयोगशाला वाहन में घी के दो सैंपल, सरसों तेल का एक सैंपल, सोयाबीन तेल का एक सैंपल, सोन पपड़ी का एक, बेसन का एक, दूध का एक सैंपल सहित 7 लीगल नमूनों की जांच की गई।
बैरागढ़, लालघाटी और गांधीनगर इलाके में हुई इस कार्रवाई के दौरान कुल 15 घरेलू और 15 लीगल नमूनों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेद्र नुनईया ने बताया कि घरेलू सैंपलों में केवल काली मिर्च पाउडर में मिलावट की पृष्टि होने पर संबंधित उपभोक्ता को सामग्री के इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा कानूनी सैंपलिंग में लिए गए नमूनों की रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है। खाद्य विभाग इन नमूनों की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगे, खाद् विभाग के मुताबिक फेल होने वाले नमूनों की निर्माता कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
आज इन इलाकों में होगी जांच
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की जांच के लिए चलित प्रयोगशाला शुक्रवार सुबह 10.30 बजे से दोपहर एक बजे तक कोहेफिजा कालोनी में जांच करेगी। दोपहर 2 बजे से 3.30 बजे तक चौकी इमामवाड़ा और शाम 4 से 5.30 बजे तक भोपाल टाकीज चौराहा, नादरा बस स्टैंड पर खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी। इस प्रयोगशाला के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को मिलावट के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नागरिक इस प्रयोगशाला में शुद्धता की तत्काल जांच बगैर किसी शुल्क के करवा सकते हैं।
खाद्य पदार्थों के 1600 से अधिक नमूने निकले अमानक
प्रदेश में मिलावटखोरी और मिलावट की रोकथाम के लिये चलाए जा रहे शुद्ध का युद्ध अभियान के दौरान जाँच के लिये एकत्रित नमूनों में से 16 सौ से अधिक नमूने अमानक स्तर के पाये गये हैं। संयुक्त नियंत्रक डी.के. नागे ने बताया कि 19 जुलाई 2019 से शुरू इस अभियान में खाद्य पदार्थों के 11 हजार 536 से अधिक नमूने जाँच के लिये भेजे गये थे। इनमें से 4491 की रिपोर्ट आ गई है।
खाद्य पदार्थों के नमूनों की जाँच के बाद जारी रिपोर्ट में 2885 नमूने मानक स्तर के पाये गये हैं। शेष में से 1013 नमूने अवमानक, 396 मिथ्याछाप, 58 अप्रद्रव्य मिश्रित, 88 असुरक्षित और 51 नमूने प्रतिबंधित पाये गये। इन सभी प्रकरणों में न्यायालयीन कार्यवाही प्रचलन में है।
'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान में मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माण एवं विक्रय करने वाले खाद्य कारोबार कर्ताओं के विरूद्ध 108 एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई हैं। इस दौरान 41 मिलावटखोरों के विरूद्ध रासुका की कार्यवाही की गई है।
Published on:
10 Jan 2020 10:10 am
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