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कमलनाथ ने सौंपी रिपोर्ट, सोनिया गांधी हैं खफा, अब कांग्रेस के बयानवीरों पर होगी कार्रवाई

अनुशासन समिति के अध्यक्ष एके एंटोनी करेंगे मध्यप्रदेश कांग्रेस विवाद की जांच

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भोपाल/ मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। खबरों के अनुसार सीएम ने प्रदेश कांग्रेस में जो कुछ चल रहा है, उससे सोनिया गांधी काफी नाराज हैं। तमाम विवादों से अवगत होने के बाद सोनिया गांधी ने अनुशासनहीनता के इस मामले को अनुशासन समिति के पास भेज दिया है। अनुशासन समिति के अध्यक्ष एके एंटोनी हैं। मध्यप्रदेश के इस मामले की जांच वहीं करेंगे।

दरअसल, मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी और सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दिग्विजिय सिंह की चिट्ठी के बाद मंत्री उमंग सिंघार ने मोर्चा खोल दिया था। सिंघार ने कह दिया था कि दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। इसके बाद प्रदेश में खलबली मच गई। सिंघार ने दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर तक कह दिया। इसके बाद प्रदेश में विवाद काफी बढ़ गया।

मुलाकात के बाद कमलनाथ ने ये कहा
सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सीएम कमलनाथ ने कहा कि जिसको भी शिकायत है, वह अपनी बात अनुशासन समिति के अध्यक्ष एके एंटोनी के सामने अपनी बात रखे। कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि सबकी बात सुनकर एके एंटोनी फैसला करेंगे। हालांकि कार्रवाई को लेकर सीएम ने कोई टाइम फ्रेम नहीं बताया।

पार्टी की हो रही थी किरकिरी
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में जो विवाद चल रहा था, उससे पार्टी की काफी किरकिरी हो रही थी। उमंग सिंघार के साथ ही पार्टी के दूसरे विधायक भी मंत्रियों के खिलाफ आवाज उठाने लगे थे। कई मंत्रियों पर कांग्रेस के विधायक ही आरोप लगाएं कि वे बिना पैसा लिए कोई काम नहीं करते। साथ ही सरकार को समर्थन दे रहे दूसरे दल के विधायक भी मंत्रियों और अफसरों पर आरोप लगाए। इससे साफ हो रहा था कि सरकार के अंदर सब ठीक नहीं है।

बावरिया ने भी दी थी रिपोर्ट
सीएम कमलनाथ से पहले मध्यप्रदेश के कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने भी दिल्ली जाकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से शुक्रवार को मुलाकात की थी। इस दौरान बावरिया ने भी मध्यप्रदेश की स्थिति से उन्हें वाकिफ करवाया था। क्योंकि प्रदेश में सिर्फ दिग्विजय और सिंघार का ही विवाद नहीं चल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए सिंधिया खेमे के लोग भी बयानबाजी कर रहे हैं और अपने ही नेताओं पर पोस्टर वॉर कर रहे हैं।

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