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अकेले ही कई लोगों से भिड़ जानेवाले एमपी के प्रसिद्ध प्लेयर का देहांत, सीएम ने शोक व्यक्त किया

Bhagwandas Raikwar- बुंदेली मार्शल आर्ट को दुनियाभर में प्रस्तुत करने और उसे नई पहचान दिलानेवाले भगवानदास रैकवार का 83 वर्ष की उम्र में निधन हुआ

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CM Mohan Yadav Expresses Condolences on the Demise of Padma Shri Bhagwandas Raikwar

CM Mohan Yadav Expresses Condolences on the Demise of Padma Shri Bhagwandas Raikwar

Bhagwandas Raikwar: एमपी के एक प्रसिद्ध प्लेयर का देहांत हो गया है। बुंदेली मार्शल आर्ट को दुनियाभर में प्रस्तुत करने और उसे नई पहचान दिलानेवाले भगवानदास रैकवार का शनिवार रात को निधन हो गया। 83 वर्ष की उम्र में उन्होंने भोपाल के एम्स में अंतिम सांस ली। बुंदेलखंड की परंपरागत युद्ध और अखाड़ा कला से उन्हें ऐसा लगाव था कि उस जमाने में भी अच्छी भली सरकारी नौकरी छोड़ दी। भगवानदास रैकवार ने न केवल लुप्त होती इस प्राचीन खेल कला को संवारा बल्कि बुंदली मार्शल आर्ट के रूप में वैश्विक पहचान भी दिलाई। इस योगदान के लिए उन्हें पद्य श्री पुरुस्कार के लिए चुना गया था हालांकि राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने से पहले ही उनका ​देहांत हो गया। भगवान रैकवार लाठी से अकेले ही एक साथ कई लोगों से भिड़कर उन्हें पस्त करने के लिए विख्यात थे। उनके देहांत पर सीएम मोहन यादव ने भी शोक व्यक्त किया है।

भगवान दास रैकवार को बुंदेलखंड के शौर्य और प्राचीन युद्ध कला अखाड़ा को वैश्विक पहचाने दिलाने के लिए इसी साल 25 जनवरी को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई थी। करीब 4 माह उन्हें राष्ट्रपति के हाथों ये सम्मान प्रदान किया जाने वाला था।

सरकारी नौकरी छोड़कर लुप्त होती ‘बुंदेली मार्शल आर्ट’ को बचाने ‘छत्रसाल अखाड़े’ की कमान संभाल ली

सागर में 2 जनवरी 1944 को जन्मे भगवानदास रैकवार ने 10वीं के बाद बैंक में नौकरी की। करीब 20 साल बाद उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर लुप्त होती ‘बुंदेली मार्शल आर्ट’ को बचाने ‘छत्रसाल अखाड़े’ की कमान संभाल ली। इसके माध्यम से युवाओं को लाठी, तलवार, भाला, त्रिशूल चलाने का प्रशिक्षण दिया। भगवानदास रैकवार ने करीब 20 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया। रूस, अमेरिका और सिंगापुर में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया।

प्राचीन युद्ध कला पर भगवानदास रैकवार को जबर्दस्त विश्वास था। वे कहते थे कि केवल लाठी के बल पर ही एक अकेला आदमी एक दर्जन लोगों को परास्त कर सकता है। भगवानदास रैकवार खुद अखाड़े में एक साथ 12 लोगों से मुकाबला कर इसे साबित भी करते थे।

सीएम मोहन यादव ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया

‘पद्म श्री’ भगवानदास रैकवार के निधन पर सीएम मोहन यादव ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा-

बुंदेली मार्शल आर्ट को वैश्विक पहचान दिलाने वाले, ‘पद्म श्री’ के लिए चयनित श्री भगवानदास रैकवार जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

ईश्वर दिवंगत को शांति और शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।

ॐ शांति!