वर्चुअल समीक्षा, योजनाओं के अमल में कोताही पर नाराजगी
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अफसरशाही पर फिर सख्त रवैया अपनाया। अलसुबह बैठक में अनूपपुर जिले के कार्यपालन यंत्री पर गलत तथ्य देने पर जमकर नाराज हुए। अफसर से बैठक के दौरान ही माफी मंगवाई। दूसरी योजनाओं में भी काम में लापरवाही पर सख्ती की। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही नहीं चलेगी।
सीएम हाउस से अलसुबह सीएम ने अनूपपुर की वर्चुअल बैठक की। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर में अनूपपुर जिला पहले नीचे था अब 11वें नंबर पर आ गया है। इसी तरह टीबी के रोग के प्रबंधन में भी जिले ने बेहतर काम किया है। इसमें राज्य का नंबर 1 जिला बन गया है। शिवराज ने जल जीवन मिशन की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा यदि ग्रामीणों की संतुष्टि का स्तर नहीं बढ़ा तो क्या फायदा है। बैठक में कार्यपालन यंत्री के गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। बैठक में ही माफी मांगने को कहा। इस पर अफसर ने गलती की माफी मांगी।
शुभकामनाएं दीं
बैठक की शुरुआत में सीएम ने नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। कहा कि हम बेहतर काम करते हुए प्रदेश को विकास पथ पर ले जाएं। सब सुखी हों सब निरोग हों सबका मंगल हो कल्याण हो, यही देवी मां के चरणों में प्रार्थना है।
अलग.अलग मुद्दों पर की बात
मुख्यमंत्री ने पीएम आवास में अपेक्षाकृत कम काम होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से कोई गरीब वंचित न रह जाए। इस तरह की समस्याएं गहराई से देखिए। योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायत तो नहीं हैं इसे गंभीरता से दिखाएं कलेक्टर इसे क्रॉस चेक करें। मुझे लगता है कि इस पर गंभीरता से काम नहीं हुआ। शिवराज ने कहा कि ओडीओपी के काम से मैं संतुष्ट नहीं हूं। एक अफसर के मेटरनिटी अवकाश पर होने पर दूसरे को प्रभार नहीं देने पर भी नाराजगी जताई गई। सीएम ने कहा कि ये स्थिति ठीक नहीं है।